दिल्ली में कैब ड्राइवर को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, वायरल वीडियो ने उठाए डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल

Sun 15-Feb-2026,01:06 PM IST +05:30

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दिल्ली में कैब ड्राइवर को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, वायरल वीडियो ने उठाए डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल Delhi Cab Controversy
  • वायरल वीडियो ने ड्राइवरों की डिजिटल सुरक्षा पर बहस छेड़ी. 

  • कैब एग्रीगेटर कंपनियों की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल.

  • यूजर जिम्मेदारी और ऑनलाइन व्यवहार को लेकर नई चर्चा.

Delhi / Delhi :

Delhi / राजधानी दिल्ली से सामने आए एक वायरल वीडियो ने कैब सेवाओं की दुनिया में यात्रियों और ड्राइवरों के रिश्ते को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में एक महिला यात्री पर कैब ड्राइवर को आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि महिला ने एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, इस्कॉन मंदिर जाने के लिए कैब बुक की थी, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले ही ऐप के चैट बॉक्स में कथित तौर पर अश्लील और अनुचित प्रस्ताव भेज दिए। इस घटना ने न केवल ड्राइवरों की सुरक्षा बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो के अनुसार, ड्राइवर को जब राइड का नोटिफिकेशन मिला और उसने गंतव्य देखा, तो उसने सामान्य प्रक्रिया के तहत राइड स्वीकार कर ली। शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही देर बाद महिला की ओर से कथित तौर पर ऐसे संदेश आने लगे, जिन्हें ड्राइवर ने अनुचित बताया। ड्राइवर ने इन संदेशों का जवाब देने से इनकार कर दिया और पेशेवर व्यवहार बनाए रखा। इसके तुरंत बाद महिला ने राइड कैंसिल कर दी। ड्राइवर ने पूरी चैट और घटना की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर साझा किया गया। यह वीडियो अब लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

इस घटना ने कैब ड्राइवरों के सामने मौजूद एक ऐसे पहलू को उजागर किया है, जिस पर अक्सर चर्चा नहीं होती। आमतौर पर यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई नियम और प्रावधान बनाए गए हैं, लेकिन ड्राइवरों को भी मानसिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है। कैब सेवाओं से जुड़े कई ड्राइवरों का कहना है कि वे रेटिंग खराब होने या अकाउंट ब्लॉक होने के डर से अक्सर ऐसी घटनाओं की शिकायत नहीं कर पाते। इस वायरल वीडियो ने इस ‘मूक समस्या’ को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है।

यह मामला कैब एग्रीगेटर कंपनियों जैसे ओला और उबर की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म्स को अपने चैट सिस्टम में ऐसे फिल्टर और मॉनिटरिंग टूल्स लगाने चाहिए, जो आपत्तिजनक भाषा या व्यवहार को तुरंत पहचान सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, यूजर वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और मजबूत करने की मांग भी उठ रही है, ताकि फर्जी या संदिग्ध अकाउंट्स पर रोक लगाई जा सके।

सामाजिक दृष्टिकोण से भी यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली गुमनामी और त्वरित संपर्क की सुविधा ने लोगों के व्यवहार में बदलाव लाया है। कुछ लोग इस सुविधा का दुरुपयोग करते हुए अनुचित और अनैतिक गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक जितनी सुविधा देती है, उतनी ही जिम्मेदारी भी मांगती है। ऐसे मामलों में केवल कंपनियों की ही नहीं, बल्कि यूजर्स की भी नैतिक जिम्मेदारी होती है।

फिलहाल, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और जांच की मांग की जा रही है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने संबंधित कंपनियों और प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

यह घटना इस बात का संकेत है कि डिजिटल युग में सुरक्षा केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि ड्राइवरों की गरिमा और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कैब सेवाएं आज लाखों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं, ऐसे में इन सेवाओं से जुड़े हर व्यक्ति के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह वायरल वीडियो एक चेतावनी के रूप में सामने आया है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, कंपनियों और समाज को अपनी जिम्मेदारियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है।