जेजे अस्पताल में यूनानी रिसर्च सेंटर अपग्रेड

Sat 14-Feb-2026,06:11 PM IST +05:30

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जेजे अस्पताल में यूनानी रिसर्च सेंटर अपग्रेड Unani-Research-Centre-Upgrade-JJ-Hospital-Mumbai
  • मुंबई के जेजे अस्पताल परिसर में 3.84 करोड़ लागत से उन्नत यूनानी अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन, नैदानिक और शोध सुविधाएं मजबूत।

  • आयुष मंत्रालय और सीसीआरएम द्वारा एकीकृत स्वास्थ्य सेवा मॉडल के तहत पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने की पहल।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai/ 1984 में स्थापित आरआरआईएम सह-स्थान केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, ताकि एकीकृत वातावरण में यूनानी चिकित्सा सेवाओं और शोध कार्य को बढ़ावा मिल सके। उन्नयन के बाद यहां बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाएं, प्रयोगशालाएं और रोगी परामर्श सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे का अभिन्न हिस्सा बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जोर दिया कि यूनानी चिकित्सा की समृद्ध परंपरा को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार, नवाचार और अनुसंधान ही यूनानी चिकित्सा के भविष्य की आधारशिला हैं।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने भी यूनानी चिकित्सा को किफायती और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और वंचित समुदायों के लिए यह प्रणाली विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि पिछले दशक में यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शोध प्रकाशनों, संस्थागत विस्तार और रोगियों की संख्या में वृद्धि इसका प्रमाण है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में कई नई पहलों की घोषणा की गई, जिनमें वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान तथा मिजाज-ए-इंसान आकलन प्रश्नावली का विमोचन शामिल है। आरआरआईएम की जैव रसायन एवं विकृति विज्ञान प्रयोगशाला को एनएबीएल प्रमाणन भी प्राप्त हुआ, जिससे गुणवत्ता मानकों को मजबूती मिलेगी। यह पहल न केवल यूनानी चिकित्सा के विकास को नई गति देगी, बल्कि एकीकृत और समग्र स्वास्थ्य सेवा मॉडल को भी सशक्त बनाएगी।