राष्ट्रीय युवा दिवस पर उपराष्ट्रपति ने स्वामी विवेकानंद को नमन
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राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्म-अनुशासन, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्रीय गौरव का आधार बताया गया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं आज भी भारत की युवा पीढ़ी को प्रेरणा और दिशा प्रदान करती हैं।
New Delhi/ नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति आवास में आज भारत के महान आध्यात्मिक चिंतक स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का वातावरण रहा। उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। स्वामी विवेकानंद की जयंती प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है, जो युवाओं को प्रेरणा, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प से जोड़ती है।
इस अवसर पर सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और दर्शन आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने स्वामीजी की शिक्षाओं में निहित आंतरिक शक्ति, आत्म-अनुशासन और निस्वार्थ सेवा को सार्थक जीवन के प्रमुख स्तंभ बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत के प्राचीन सभ्यतागत ज्ञान को वैश्विक मंच पर पहुंचाकर देश के आत्मसम्मान और राष्ट्रीय गौरव को नई पहचान दी।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्वामी विवेकानंद के विचारों ने युवाओं को अपने सामर्थ्य को पहचानने, समाज के लिए कार्य करने और राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। शिकागो धर्म संसद से लेकर उनके प्रेरणादायक साहित्य तक, स्वामी विवेकानंद का योगदान आज भी भारत की वैचारिक चेतना को दिशा देता है।
उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे और युवा शक्ति उनके विचारों से प्रेरणा लेकर विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देगी।