Varasani: 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन, पीएम मोदी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

Sun 04-Jan-2026,01:36 PM IST +05:30

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Varasani: 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन, पीएम मोदी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला Varanasi-Volleyball-Tournament
  • पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया उद्घाटन.

  • 58 टीमों और 1,000 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी.

  • खेलों से राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का संदेश.

Uttar Pradesh / Varanasi :

Varanasi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वाराणसी में आयोजित 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। दोपहर 12 बजे हुए इस उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंच पर मौजूद रहे। आयोजन स्थल डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, वाराणसी रहा, जिसका निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। यह टूर्नामेंट 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चलेगा, जिसमें देशभर से 28 राज्यों और विभिन्न संस्थानों की 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं। कुल मिलाकर 1,000 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजन की रूपरेखा रखी और सरकार द्वारा देश के विकास, विशेष रूप से खेलों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास और मानसिक समृद्धि का सशक्त माध्यम हैं। उनके अनुसार खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास पैदा करते हैं, जो राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

ऑनलाइन जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ काशीवासियों और देशभर से आए खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि काशी के सांसद के नाते सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सभी कठिन परिश्रम कर राष्ट्रीय टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं और अब काशी के मैदान पर आपकी परीक्षा होने जा रही है। उन्होंने 28 राज्यों से आई टीमों को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की सुंदर तस्वीर बताते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में काशी की खेल संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बनारस खेल प्रेमियों का शहर है, जहां कुश्ती, दौड़ और कई अन्य खेलों में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, यूपी कॉलेज और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। काशी केवल विज्ञान और कला की साधना के लिए ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभा के लिए भी जानी जाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश और उत्साह चरम पर रहेगा और खिलाड़ियों को यहां की समृद्ध आतिथ्य परंपरा को अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने वॉलीबॉल को साधारण खेल नहीं, बल्कि संतुलन, सहयोग और संकल्प शक्ति का खेल बताया। उन्होंने कहा कि इस खेल का मूल मंत्र है—हर कीमत पर गेंद को ऊपर रखना। वॉलीबॉल टीम स्पिरिट सिखाती है और यह समझाती है कि कोई भी जीत अकेले संभव नहीं होती। जीत समन्वय, विश्वास और हर खिलाड़ी की जिम्मेदारी निभाने से मिलती है। उन्होंने इसी भावना को देश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि भारत भी इसी तरह आगे बढ़ रहा है, जहां हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी याद दिलाया कि एक समय था जब खेलों को लेकर सरकार और समाज में उदासीनता का भाव था और खिलाड़ियों के सामने भविष्य को लेकर असमंजस रहता था। लेकिन अब स्थिति बदली है। खेलों को करियर के रूप में अपनाया जा रहा है, खेल बजट बढ़ा है, चयन प्रक्रिया पारदर्शी हुई है और खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़े सुधार किए गए हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने काशी के मौसम और संस्कृति का भी जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इस समय बनारस में अच्छी ठंड पड़ती है और इस मौसम में स्वादिष्ट चीजें मिलती हैं। समय मिले तो मलइयो का आनंद लें, बाबा विश्वनाथ के दर्शन करें और गंगा स्नान का अनुभव लेकर जाएं।

इस टूर्नामेंट के पहले दिन पुरुष और महिला वर्ग के कई रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। दिल्ली बनाम पुडुचेरी, बिहार बनाम उत्तर प्रदेश, सर्विसेज बनाम रेलवे जैसे मैच दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। महिला वर्ग में भी झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, मणिपुर और अन्य राज्यों की टीमें दमखम दिखा रही हैं।

इस चैंपियनशिप का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें फेडरेशन कप के लिए क्वालीफाई करेंगी। पुरुष वर्ग में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली और महिला वर्ग में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीमें इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए पात्र होंगी। वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव जनरल रामानंद चौधरी ने बताया कि टूर्नामेंट नवीनतम वीआईएफ नियमों के तहत खेला जा रहा है। समय पर रिपोर्ट न करने वाली टीम पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा और उसे टूर्नामेंट से बाहर भी किया जा सकता है। अंकों के आवंटन और उपकरणों को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं।

कुल मिलाकर, वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभा का प्रदर्शन है, बल्कि यह शहर की बढ़ती खेल अवसंरचना, सांस्कृतिक गरिमा और राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की क्षमता को भी मजबूती से दर्शाती है।