ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार: युद्ध खत्म करने का फैसला अब तेहरान करेगा, होर्मुज स्ट्रेट पर भी तनाव

Tue 10-Mar-2026,10:46 AM IST +05:30

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ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार: युद्ध खत्म करने का फैसला अब तेहरान करेगा, होर्मुज स्ट्रेट पर भी तनाव Donald Trump Iran Statement
  • ट्रंप के बयान पर ईरान का कड़ा पलटवार।

  • IRGC ने कहा युद्ध खत्म करने का फैसला तेहरान करेगा।

  • होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई को लेकर बढ़ा तनाव।

Tehran Province / Tehran :

Tehran / अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के जल्द खत्म होने की टिप्पणी पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने साफ कहा है कि अब हालात अमेरिका और इजरायल के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं और युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान करेगा।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और भविष्य के समीकरण अब पूरी तरह ईरान के हाथ में हैं। संगठन ने दावा किया कि युद्ध की दिशा और उसका अंत तय करने की क्षमता अब उनकी सेना के पास है।

IRGC का दावा: युद्ध का अंत हम तय करेंगे
आईआरजीसी के बयान में कहा गया, “जंग का अंत हम तय करेंगे। इलाके के समीकरण और भविष्य की स्थिति अब हमारी सेना के हाथों में है। अमेरिकी सेना अब इस स्थिति में नहीं है कि वह युद्ध को खत्म कर सके। अब फैसला हमारी ओर से होगा और हालात हमारे पक्ष में हैं।”

ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल के साथ उसका तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान का कहना है कि वह किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है और अपनी रणनीति के अनुसार ही आगे कदम उठाएगा।

ट्रंप ने कहा था—ईरान की सैन्य ताकत खत्म
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात बयान देते हुए कहा था कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि इस संघर्ष में अमेरिका काफी आगे है और ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग खत्म कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह युद्ध लगभग समाप्त हो चुका है, क्योंकि अब ईरान के पास कोई बड़ी सैन्य ताकत नहीं बची है। उसकी लीडरशिप और सेना को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हमारा अभियान जल्द समाप्त होगा, हालांकि यह इस हफ्ते खत्म नहीं होगा।”

ट्रंप के इस बयान को ईरान ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसे कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

तेल सप्लाई को लेकर बढ़ा तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की सप्लाई भी बन गया है। बताया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई रोक दी है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि यहां से तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।

अमेरिका की चेतावनी और ईरान का जवाब
ईरान के इस कदम के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि ईरान ने तेल सप्लाई को बाधित किया तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाबी हमला करेगा।

इस धमकी पर आईआरजीसी ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी। संगठन ने कहा कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो होर्मुज स्ट्रेट से “एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।”

क्षेत्र में बढ़ता युद्ध का खतरा
दरअसल, अमेरिका-इजरायल गठबंधन द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों के बाद से क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और सैन्य तैयारियां लगातार तेज हो गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह तनाव किस दिशा में जाता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से इस टकराव को रोका जा सकेगा या नहीं।