Delhi / Delhi : Delhi / भारतीय विमानन क्षेत्र में अपनी बादशाहत को दोबारा स्थापित करने के उद्देश्य में एअर इंडिया ने आज एक अहम कदम आगे बढ़ाया है। सोमवार को वाशिंगटन स्थित बोइंग की एवरेट फैक्ट्री से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एअर इंडिया का पहला लाइन-फिट बोइंग 787-9 विमान पहुँचा। इस विमान की पंजीकरण संख्या वीटी-एडब्ल्यूए है और इसे एअर इंडिया के चार अनुभवी पायलटों की टीम ने अमेरिका से दिल्ली तक 16 घंटे और 58 मिनट की नॉन-स्टॉप फेरी उड़ान में सफलतापूर्वक लाया।
एयरलाइन प्रवक्ता ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक नए विमान का आगमन नहीं है, बल्कि यह एअर इंडिया की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत यात्रियों को वैश्विक स्तर का उड़ान अनुभव प्रदान किया जाएगा। नया ड्रीमलाइनर विमान आधुनिकता और आराम का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें कुल 296 सीटें हैं, जिन्हें तीन अलग-अलग केबिन श्रेणियों — बिजनेस क्लास, प्रीमियम इकोनॉमी और इकोनॉमी — में विभाजित किया गया है। विशेष रूप से इस विमान का इंटीरियर बोइंग की प्रोडक्शन लाइन पर तैयार किया गया है और इसमें एअर इंडिया की नई ब्रांडिंग और डिजाइन का पूर्ण उपयोग किया गया है। आने वाले हफ्तों में इन केबिन श्रेणियों की विस्तृत जानकारी यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
एअर इंडिया के लिए 2026 वर्ष को बदलाव और विकास का वर्ष माना जा रहा है। इस साल एयरलाइन अपने बेड़े में कुल छह वाइडबॉडी विमान शामिल करने की योजना बना रही है, जिनमें बोइंग 787-9 और एअरबस ए350-1000 शामिल हैं। इसके अलावा, एअर इंडिया अपने पुराने 26 बोइंग 787-8 विमानों का रिट्रोफिट (नवीनीकरण) भी तेजी से कर रही है। इस कार्यक्रम के तहत पुराने विमानों के इंटीरियर्स को पूरी तरह से बदलकर यात्रियों के लिए नए, आधुनिक और आरामदायक केबिन तैयार किए जा रहे हैं।
एयरलाइन की योजना है कि 2026 के अंत तक उसके वाइडबॉडी बेड़े के लगभग 60 प्रतिशत विमानों में अत्याधुनिक इंटीरियर्स और नई ब्रांडिंग दिखाई देगी। नया बोइंग 787-9 विमान फरवरी 2026 से अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की उड़ानों पर अपनी सेवाएं शुरू करेगा। विमान के परिचालन और रूट शेड्यूल की जानकारी जल्द ही यात्रियों के लिए घोषित की जाएगी।
यह कदम एअर इंडिया की महत्वाकांक्षा और भविष्य की योजना को दर्शाता है। न केवल बेड़े का विस्तार, बल्कि पुराने विमानों का आधुनिकीकरण और नई ब्रांडिंग, एयरलाइन के वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यात्रियों के लिए आराम, आधुनिकता और बेहतरीन सेवा सुनिश्चित करना अब एअर इंडिया की प्राथमिकता बन चुका है।