रायपुर में एपीडा कार्यालय शुरू, छत्तीसगढ़ को कृषि और चावल निर्यात में नई पहचान

Mon 12-Jan-2026,04:40 PM IST +05:30

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रायपुर में एपीडा कार्यालय शुरू, छत्तीसगढ़ को कृषि और चावल निर्यात में नई पहचान apeda-regional-office-raipur-chhattisgarh-agri-export
  • भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल शिखर सम्मेलन ने जैविक और गैर-बासमती चावल निर्यात बढ़ाने के लिए नीति और व्यापार संवाद को मजबूत किया।

  • रायपुर में एपीडा क्षेत्रीय कार्यालय से किसानों, एफपीओ और निर्यातकों को पंजीकरण, प्रमाणन और वैश्विक बाजार संपर्क की सीधी सुविधा मिलेगी।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात का प्रमुख हब बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। दूसरे भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल शिखर सम्मेलन के दौरान रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध कृषि-पारिस्थितिकी विविधता के कारण देश के उन राज्यों में शामिल है, जिनमें निर्यात की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य की पहचान प्रीमियम गैर-बासमती चावल किस्मों के लिए है, जिनमें जीआई टैग प्राप्त जीराफूल चावल और नागरी दुबराज चावल प्रमुख हैं। इसके अलावा अमरूद, केला, ड्रैगन फ्रूट, कटहल, सीताफल, टमाटर और खीरा जैसी फल-सब्जियां, साथ ही महुआ, इमली, जड़ी-बूटी और औषधीय पौधों जैसे लघु वनोपज राज्य को वैश्विक बाजारों में मजबूत स्थिति दिला सकते हैं।

रायपुर में एपीडा क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह कार्यालय किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों और निर्यातकों को निर्यात पंजीकरण, परामर्श, बाजार जानकारी, प्रमाणन, अवसंरचना विकास और अंतरराष्ट्रीय बाजार संपर्क जैसी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। हाल ही में इसी कार्यालय की मदद से छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका और पापुआ न्यू गिनी को फोर्टिफाइड चावल के दानों का निर्यात भी किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साई ने इस अवसर पर कहा कि रायपुर में एपीडा कार्यालय का उद्घाटन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का मिशन है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य उच्च मूल्य वाले और दीर्घकालिक कृषि निर्यात में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल को कार्यालय की स्वीकृति के लिए धन्यवाद देते हुए एपीडा और वाणिज्य विभाग को राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

यह उद्घाटन छत्तीसगढ़ चावल निर्यातक संघ द्वारा आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय चावल शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण के दौरान हुआ। इसी के साथ चावल निर्यात पर केंद्रित दो दिवसीय चिंतन शिविर का भी समापन हुआ, जिसमें जैविक और जीआई-टैग वाली गैर-बासमती चावल किस्मों के निर्यात को बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई।