फालेन में प्रह्लाद बन अग्नि पर चले संजू पांडा
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मथुरा के फालेन गांव में होलिका दहन पर प्रह्लाद स्वरूप व्यक्ति का अग्नि पर चलने की सदियों पुरानी परंपरा।
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आस्था और साहस का अनूठा प्रदर्शन।
Mathura/ मथुरा के फालेन गांव में होली से जुड़ी एक अनोखी परंपरा आज भी जीवित है। यहां होलिका दहन की रात एक व्यक्ति प्रह्लाद का रूप धारण कर जलती चिता की अग्नि के बीच से गुजरता है। मान्यता है कि यह परंपरा भक्त प्रह्लाद की अग्नि से रक्षा की कथा की स्मृति में निभाई जाती है। इस वर्ष यह जिम्मेदारी संजू पांडा ने निभाई।
संजू पांडा ने बताया कि इस अनुष्ठान की तैयारी बसंत पंचमी से शुरू हो जाती है। इस अवधि में वे सांसारिक मोह-माया से दूर रहकर कठोर नियमों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे घर-परिवार से दूरी बना लेते हैं और भोजन भी त्याग देते हैं। यह साधना मानसिक और शारीरिक अनुशासन का प्रतीक मानी जाती है।
होलिका दहन की रात गांव में हजारों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच संजू पांडा अग्नि की राख पर नंगे पांव चलते हैं। ग्रामीणों का विश्वास है कि यह अनुष्ठान आस्था, भक्ति और साहस का प्रतीक है।
प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। फालेन की यह परंपरा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।