TRAI Day 2026: 29 साल की नियामकीय यात्रा, नेटवर्क स्लाइसिंग और नेट न्यूट्रैलिटी पर मंथन
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Trai Day 2026
ट्राई की स्थापना के 29 वर्ष पूरे.
नेटवर्क स्लाइसिंग और नेट न्यूट्रैलिटी पर चर्चा.
समावेशी डिजिटल विकास पर जोर.
Delhi / भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 20 फरवरी 1997 को अपनी स्थापना के 29 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ट्राई दिवस 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, अकादमिक विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज शामिल हुए। समारोह केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं था, बल्कि भारत के तेजी से बदलते डिजिटल संचार परिदृश्य पर गंभीर विमर्श का मंच भी बना।
कार्यक्रम की शुरुआत ट्राई के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार लाहोटी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। उनके साथ सदस्य (एम) श्री रितु रंजन मित्तर, सदस्य (टी) डॉ. एम.पी. तंगिराला और सदस्य (पीटी) प्रो. रंजन बोस उपस्थित रहे। स्वागत भाषण में ट्राई के सचिव श्री अतुल कुमार चौधरी ने 1997 में प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम बाजार की शुरुआत के दौर को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्र नियामक की भूमिका निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ता हितों की रक्षा और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने में बेहद अहम रही है।
समावेशन और प्रसारण की भूमिका
पहले तकनीकी सत्र का विषय था – “सभी घरों तक टीवी पहुंचाना: समावेशन के लिए नीति, प्रौद्योगिकी और व्यवसाय रणनीतियां।” इसमें ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में टीवी की पहुंच को मजबूत करने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में भी प्रसारण माध्यम सामाजिक समावेशन का प्रभावी साधन है। अंतिम-मील कनेक्टिविटी और किफायती सेवाओं के लिए स्थायी व्यवसाय मॉडल विकसित करना समय की मांग है।
नेटवर्क स्लाइसिंग और नेट न्यूट्रैलिटी
दूसरे सत्र में “नेटवर्क स्लाइसिंग और नेट न्यूट्रैलिटी” जैसे उभरते मुद्दों पर गहन विचार हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि 5G और आने वाले 6G नेटवर्क सेवा वितरण की परिभाषा बदल रहे हैं। ऐसे में नियमन को इस तरह विकसित करना होगा कि नवाचार को बढ़ावा मिले, लेकिन खुले और गैर-भेदभावपूर्ण इंटरनेट के सिद्धांत भी सुरक्षित रहें।
नियमन और प्रौद्योगिकी का संतुलन
ट्राई के सदस्यों ने नियामकीय दर्शन में समय के साथ हुए बदलावों पर चर्चा की। श्री रितु रंजन मित्तर ने बाजार-आधारित ढांचे और पारदर्शी परामर्श प्रक्रिया की अहमियत बताई। डॉ. तंगिराला ने एआई-सक्षम नेटवर्क, स्पेक्ट्रम दक्षता और डेटा-आधारित निगरानी को भविष्य का आधार बताया। प्रो. रंजन बोस ने अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।
अंशकालिक सदस्य श्री नीलकंठ मिश्रा ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत की आर्थिक प्रगति की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए नियमन में स्पष्टता और स्थिरता जरूरी है।
भविष्य की दिशा
अपने संबोधन में अध्यक्ष श्री लाहोटी ने कहा कि आज कनेक्टिविटी मोबाइल, फाइबर और सैटेलाइट नेटवर्क तक फैली है। उन्होंने जोर दिया कि एआई, 5G और 6G जैसी तकनीकों के दौर में नियामकीय ढांचे को पारदर्शी और अनुकूलनीय बने रहना होगा। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वीडियो संदेश में कहा कि नई तकनीकों के बीच निष्पक्षता और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए मजबूत नियामकीय व्यवस्था आवश्यक है।
ट्राई दिवस 2026 ने यह स्पष्ट किया कि भारत की डिजिटल यात्रा केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि संतुलित और दूरदर्शी नियमन पर भी आधारित है। ट्राई ने एक बार फिर समावेशी विकास, उपभोक्ता संरक्षण और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।