बहरीन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का हमला

Tue 03-Mar-2026,12:55 PM IST +05:30

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बहरीन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का हमला Iran-IRGC-Attack-US-Airbase-Bahrain
  • IRGC ने बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे पर 20 ड्रोन और तीन मिसाइल दागने का दावा किया।

  • अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों को बहरीन समेत मध्य पूर्व के कई देशों से तुरंत निकलने की सलाह दी।

Jerusalem District / Jerusalem :

Iran/ अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद अब ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित मौत के बाद ईरानी सेना, विशेष रूप से Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC), आक्रामक रुख में नजर आ रही है।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) ने 3 मार्च को रिपोर्ट जारी कर दावा किया कि IRGC की नौसेना ने बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे पर बड़े पैमाने पर हमला किया। एजेंसी के अनुसार, भोर के समय 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागी गईं। IRGC ने अपने बयान में कहा कि हमले में बेस के मुख्य कमांड मुख्यालय को नष्ट कर दिया गया। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

अब तक अमेरिका की ओर से इस कथित हमले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। BBC World News की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी से परहेज किया है। हालांकि बहरीन में अमेरिका द्वारा संचालित नौसैनिक अड्डे से धुआं उठता देखा गया था, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को बहरीन सहित मध्य पूर्व के एक दर्जन देशों को तुरंत छोड़ने की सलाह दी है। यह कदम क्षेत्र में संभावित और व्यापक सैन्य टकराव की आशंका को दर्शाता है।

शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद से ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी Agence France-Presse (AFP) के अनुसार, मंगलवार तड़के सऊदी अरब की राजधानी रियाद के राजनयिक क्षेत्र में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विदेशी दूतावासों के पास धुएं के गुबार देखे गए।

विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव यदि जारी रहा तो खाड़ी क्षेत्र में व्यापक संघर्ष का रूप ले सकता है। बहरीन, सऊदी अरब और अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार शांति और संयम की अपील कर रहा है, लेकिन जमीन पर हालात तेजी से बदल रहे हैं।