मिडिल ईस्ट जंग के बीच 2100+ भारतीय लौटे | 250 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द, छात्रों की निकासी की मांग

Tue 03-Mar-2026,10:49 PM IST +05:30

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मिडिल ईस्ट जंग के बीच 2100+ भारतीय लौटे | 250 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द, छात्रों की निकासी की मांग Middle East Conflict Update
  • 2100+ भारतीयों की विशेष उड़ानों से वापसी.

  • 250+ इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द, एयरस्पेस बंद.

  • उर्मिया में भारतीय छात्रों की निकासी की मांग.

Delhi / Delhi :

Delhi / अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष का असर सीधे भारत पर भी दिखाई दे रहा है। मिडिल ईस्ट में फंसे 2100 से ज्यादा भारतीय नागरिक मंगलवार को सात विशेष उड़ानों के जरिए सुरक्षित देश लौटे। सरकार की ओर से लगातार निगरानी और समन्वय के बाद इन लोगों की वापसी संभव हो सकी। हालांकि, क्षेत्र में कई देशों के एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई एयरपोर्ट से 250 से अधिक फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इनमें दिल्ली से 80 से ज्यादा, मुंबई से 107, बेंगलुरु से 42 और चेन्नई से 30 उड़ानें शामिल हैं।

तनाव के बीच एयर इंडिया ने जेद्दा और दुबई के लिए विशेष राहत उड़ानें शुरू की हैं। वहीं इंडिगो ने भी जेद्दाह से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित की हैं। सरकार और एयरलाइंस मिलकर फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं।

इस बीच ईरान के उर्मिया शहर में हुए एक विस्फोट ने वहां रह रहे भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने बताया कि उनके छात्रावास से महज 300 मीटर दूर धमाका हुआ। करीब 110 भारतीय छात्र वहां रह रहे हैं और सीमित उड़ानों के कारण वे पहले ईरान नहीं छोड़ सके। छात्रों ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से जल्द सुरक्षित निकासी की मांग की है। कुछ छात्रों ने सुझाव दिया है कि उन्हें पड़ोसी सुरक्षित देशों, जैसे आर्मेनिया, भेजा जाए। विदेश मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि दूतावास लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता दी जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में भी हालात संवेदनशील रहे। ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के विरोध में कुछ जगहों पर प्रदर्शन हुए और श्रीनगर में पाबंदियां लागू रहीं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दो दिनों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर खाड़ी क्षेत्र के आठ नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने ओमान के सुल्तान, कतर के अमीर और कुवैत के क्राउन प्रिंस सहित कई नेताओं से फोन पर चर्चा कर हमलों की निंदा की और शांति बहाली पर जोर दिया।

फारस की खाड़ी में बिगड़ते हालात को देखते हुए बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने समीक्षा बैठक की। बैठक में भारतीय ध्वज वाले जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय समुद्री संपत्तियों और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य से भारत का लगभग आधा तेल आयात गुजरता है, इसलिए किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्ष समाप्त करने की अपील की है। सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।