MCA का बड़ा सुधार: निदेशकों के लिए वार्षिक KYC खत्म, अब 3 साल में एक बार

Fri 02-Jan-2026,02:20 AM IST +05:30

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MCA का बड़ा सुधार: निदेशकों के लिए वार्षिक KYC खत्म, अब 3 साल में एक बार निदेशकों-के-लिए-वार्षिक-KYC-खत्म
  • MCA ने निदेशकों के लिए वार्षिक KYC समाप्त कर तीन साल में एक बार सरलीकृत KYC व्यवस्था लागू की।

  • नया KYC फॉर्म मोबाइल, ई-मेल, पता अपडेट और DIN पुनः सक्रिय करने में उपयोगी होगा।

  • पहले से KYC पूर्ण निदेशकों के लिए अगली समयसीमा 30 जून 2028 तय की गई।

Delhi / New Delhi :

दिल्ली/ दिल्ली में 1 जनवरी 2026 को कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निदेशकों से जुड़े केवाईसी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया। इस फैसले के तहत अब सभी कंपनी निदेशकों को हर साल केवाईसी कराने की बाध्यता नहीं होगी। इसकी जगह तीन वर्ष में एक बार संक्षिप्त केवाईसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे अनुपालन का बोझ कम होगा और प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी। यह नया प्रावधान 31 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। मंत्रालय ने यह बदलाव कंपनी (निदेशकों की नियुक्ति एवं योग्यता) नियम, 2014 के नियम 12ए में संशोधन के माध्यम से लागू किया है। इस सुधार का उद्देश्य निदेशकों के लिए अनुपालन को सुगम बनाना, अनावश्यक कागजी कार्रवाई को कम करना और कारोबारी माहौल को अधिक अनुकूल बनाना है।

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने गैर-वित्तीय नियामक सुधारों की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए कंपनी (निदेशकों की नियुक्ति एवं योग्यता) नियम, 2014 के नियम 12ए में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत कंपनियों के निदेशकों के लिए अब वार्षिक ‘अपने ग्राहक को जानें’ (KYC) दाखिल करने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर अब प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार सरलीकृत केवाईसी दाखिल करनी होगी।

यह निर्णय उच्च स्तरीय समिति (HLC-NFRR) की सिफारिशों, हितधारकों से प्राप्त सुझावों और मंत्रालय के आंतरिक परीक्षण के बाद लिया गया है। संशोधित नियमों को 31 दिसंबर 2025 को अधिसूचित किया गया, जो 31 मार्च 2026 से प्रभावी होंगे।

नए प्रावधानों के अनुसार, एक सरलीकृत KYC फॉर्म लागू किया गया है, जिसका उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा। इसमें केवाईसी अनुपालन के अलावा मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और आवासीय पते का अपडेट तथा निष्क्रिय DIN को पुनः सक्रिय करने की सुविधा भी शामिल है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि अब डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा निदेशक का सत्यापन और पेशेवर प्रमाणीकरण केवल तभी आवश्यक होगा, जब KYC फॉर्म का उपयोग संपर्क विवरण या पते में बदलाव के लिए किया जाएगा। इससे सामान्य केवाईसी प्रक्रिया कहीं अधिक सरल और कम समय लेने वाली हो जाएगी।

जो निदेशक पहले ही KYC पूरी कर चुके हैं, वे स्वतः नए नियमों के अंतर्गत आ जाएंगे और उनके लिए अगली KYC की अंतिम तिथि 30 जून 2028 निर्धारित की गई है। वहीं जिन निदेशकों ने अब तक KYC दाखिल नहीं की है, उन्हें 31 मार्च 2026 तक वर्तमान नियमों के अनुसार अपना DIN सक्रिय कराने का अवसर दिया गया है।

मंत्रालय का मानना है कि यह सुधार कंपनियों में अनुपालन बोझ को कम करेगा, डिजिटल प्रक्रिया को प्रोत्साहित करेगा और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को मजबूत बनाएगा। संबंधित राजपत्र अधिसूचना G.S.R. 943(E) MCA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।