इंडसफूड 2026: वैश्विक खाद्य व्यापार में भारत की भूमिका को नई मजबूती

Wed 07-Jan-2026,05:05 PM IST +05:30

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इंडसफूड 2026: वैश्विक खाद्य व्यापार में भारत की भूमिका को नई मजबूती Indusfood-2026-Global-Food-Sourcing-India
  • भारत-यूएई फूड कॉरिडोर और वैश्विक प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी से द्विपक्षीय खाद्य व्यापार को नई गति मिलेगी।

  • नवाचार, लॉजिस्टिक्स, पाक कला कूटनीति और कौशल विकास पर केंद्रित सत्र भारत के खाद्य निर्यात को मजबूत करेंगे।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ भारत की प्रमुख वैश्विक खाद्य एवं पेय पदार्थ (एफ एंड बी) सोर्सिंग प्रदर्शनी इंडसफूड 2026 का 9वां संस्करण 8 से 10 जनवरी 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) द्वारा आयोजित यह आयोजन वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत को एक भरोसेमंद, प्रतिस्पर्धी और दीर्घकालिक भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एशिया के प्रमुख खाद्य एवं पेय व्यापार मेलों में शुमार इंडसफूड 2026, अग्रणी भारतीय खाद्य उत्पादकों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और वैश्विक संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य व्यापार सहयोग, द्विपक्षीय जुड़ाव और दीर्घकालिक वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देना है।

इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान करेंगे। उनकी मौजूदगी भारत के खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम को मजबूत करने, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और भारतीय खाद्य उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार पहुंच को विस्तारित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इंडसफूड 2026 का एक प्रमुख आकर्षण भारत–यूएई फूड कॉरिडोर पहल का शुभारंभ होगा, जिसे अबू धाबी फूड हब द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित करना और द्विपक्षीय खाद्य व्यापार प्रवाह को तेज करना है। इसके साथ ही सऊदी अरब के प्रदर्शक अलसलान द्वारा 75 वर्षों की विरासत का उत्सव मनाया जाएगा, जो भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत होते खाद्य व्यापार संबंधों को रेखांकित करेगा।

प्रदर्शनी में 120 से अधिक देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें हजारों सत्यापित वैश्विक खरीदार और कई उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए डीपी वर्ल्ड द्वारा आयोजित विशेष ‘भारत मार्ट’ सत्र निर्यात अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स एकीकरण और नीति-स्तरीय संवाद पर केंद्रित रहेगा।

पाक कला कूटनीति और सांस्कृतिक सहयोग के तहत प्रथम विश्व पाक कला विरासत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और भारतीय शेफ, नीति निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ भाग लेंगे। वहीं कौशल विकास के क्षेत्र में, आईएफसीए के सहयोग से इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर कलिनरी लीडरशिप (IICCL) 150 शेफ के लिए आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगा।

इसके अतिरिक्त, एपीडा की ‘भारती पहल’ के अंतर्गत शार्क टैंक शैली के पिच सत्रों के माध्यम से एग्री-फूड स्टार्टअप्स को वैश्विक खरीदारों से जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर, इंडसफूड 2026 नवाचार, स्थिरता और निर्यात-आधारित विकास के माध्यम से भारत के खाद्य व्यापार विस्तार के अगले चरण को गति देने वाला मंच बनेगा।