NMDC की पहल से बस्तर के 80 युवाओं को 100% रोजगार

Fri 06-Feb-2026,01:13 PM IST +05:30

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NMDC की पहल से बस्तर के 80 युवाओं को 100% रोजगार NMDC-Bastar-Youth-Skill-Development-100-Percent-Placement
  • एनएमडीसी-सीआईपीईटी कौशल विकास कार्यक्रम से बस्तर के 80 युवाओं को 100 प्रतिशत रोजगार, आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम।

  • दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर सहित बस्तर अंचल के आदिवासी युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ा गया।

Chhattisgarh / Bastar :

Chhattisgarh/ एनएमडीसी लिमिटेड ने बस्तर प्रभाग के 80 युवाओं के पहले बैच का भव्य स्वागत किया, जिन्होंने रोजगार-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हासिल किया। यह कार्यक्रम एनएमडीसी की सीएसआर पहल के तहत केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईपीईटी) के सहयोग से संचालित किया गया। इसका उद्देश्य बस्तर के बेरोजगार, वंचित और आदिवासी युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल देकर स्थायी आजीविका के योग्य बनाना है।

इस सम्मान समारोह और संवाद सत्र में एनएमडीसी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी, निदेशक (तकनीकी) एवं निदेशक (वाणिज्यिक, अतिरिक्त प्रभार) विनय कुमार, निदेशक (उत्पादन) एवं निदेशक (कार्मिक, अतिरिक्त प्रभार) जयदीप दासगुप्ता सहित सीआईपीईटी और एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों और अवसरों वाले इलाकों से निकलकर रोजगार पाना उनके लिए जीवन बदलने वाला क्षण है। दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और बीजापुर जैसे जिलों से आए युवाओं ने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य का मार्ग दिखाया।

कक्षा 12 उत्तीर्ण युवक सुखराम ने कहा कि नौकरी मिलने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अपने गांव से बाहर निकलकर सम्मानजनक रोजगार पा सकेंगे।

एनएमडीसी के अध्यक्ष अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि बस्तर के युवाओं को औपचारिक रोजगार में कदम रखते देखना यह साबित करता है कि अवसर मिलने पर प्रतिभा किस तरह निखरती है। उन्होंने कहा कि यह केवल नौकरियों की बात नहीं, बल्कि युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ने का प्रयास है।

निदेशक विनय कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बीते वर्षों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखता है और एनएमडीसी इस बदलाव की यात्रा का अहम हिस्सा रहा है। वहीं, निदेशक जयदीप दासगुप्ता ने इसे युवाओं के जीवन का निर्णायक मोड़ बताते हुए निरंतर सीखने और भविष्य में उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में न्यूनतम योग्यता कक्षा 8 रखी गई, ताकि स्कूल छोड़ चुके और आर्थिक रूप से कमजोर युवा भी इससे वंचित न रहें। पहले बैच के सभी 80 युवाओं को रोजगार मिलना इस पहल की सफलता को दर्शाता है।