AIIMS जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर की मौत, काम के दबाव पर उठे सवाल

Tue 22-Sep-2026,09:43 PM IST +05:30

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AIIMS जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर की मौत, काम के दबाव पर उठे सवाल Jodhpur Crime News
  • AIIMS जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत की पुलिस जांच जारी है।

  • मौत के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

  • काम के दबाव और लंबे कार्य घंटों को लेकर चर्चा के बीच जांच के नतीजों का इंतजार है।

Rajasthan / Jodhpur :

Jodhpur / AIIMS जोधपुर के एनस्थीसिया विभाग में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की आत्महत्या से मौत का मामला सामने आया है। वह मूल रूप से अलवर के रहने वाले थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद बासनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल डॉक्टर ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।

घटना के बाद AIIMS जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों के काम के माहौल, ड्यूटी के घंटों और काम के दबाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह साबित हो कि राजनरेश यादव की आत्महत्या का कारण काम का दबाव था। पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी एक वजह को घटना का कारण मानना जल्दबाजी होगी।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले डॉक्टर किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे। उनके संपर्क में रहे लोगों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

NABH प्रशिक्षण के दौरान हुई घटना
राजनरेश यादव की मौत ऐसे समय सामने आई है, जब AIIMS जोधपुर में तीन दिवसीय NABH प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। AIIMS की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इसमें अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, मरीजों की सुरक्षा, दैनिक कार्यप्रणाली, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, रिकॉर्ड प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के प्रभावी पालन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

इसी दौरान रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के बाद संस्थान में डॉक्टरों के काम के माहौल और उनकी समस्याओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर लंबे कार्य घंटों और काम के दबाव को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि इन परिस्थितियों और राजनरेश की आत्महत्या के बीच किसी सीधे संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
AIIMS जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े आत्महत्या या आत्महत्या के प्रयास के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2019 में एक रेजिडेंट डॉक्टर ने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय साथी डॉक्टरों को सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप किया और डॉक्टर को अस्पताल पहुंचाया।

रिपोर्टों के अनुसार, उस घटना से पहले संस्थान के ईएनटी विभाग के एक रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा भी आत्महत्या का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा जुलाई 2021 में AIIMS जोधपुर की एक फिजियोथेरेपिस्ट की आत्महत्या का मामला भी सामने आया था। उस मामले में भी घटना की स्पष्ट वजह तत्काल सामने नहीं आई थी।

राजनरेश यादव की मौत के बाद अब रेजिडेंट डॉक्टरों के काम के घंटे, कार्यस्थल का दबाव और डॉक्टरों को अपनी परेशानियां साझा करने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इन मुद्दों को इस घटना से जोड़ने से पहले जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।

फिलहाल बासनी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस की जांच और AIIMS प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही घटना की परिस्थितियों और संभावित कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।