हैदराबाद में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 773 मामले दर्ज, क्या अब जेल जाएंगे आरोपी?

Sun 01-Nov-2026,07:55 PM IST +05:30

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हैदराबाद में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 773 मामले दर्ज, क्या अब जेल जाएंगे आरोपी? Hyderabad Night Traffic Crackdown
  • हैदराबाद, साइबराबाद और मलकाजगिरी में कुल 773 शराब पीकर ड्राइविंग के मामले दर्ज।

  • मलकाजगिरी में 240 वाहन चालक पकड़े गए, जिनमें सभी पुरुष थे।

  • अदालतों ने 339 मामलों का निपटारा किया, पांच लोगों को जेल की सजा सुनाई।

Telangana / Hyderabad :

Hyderabad / शराब पीकर गाड़ी चलाना कितना भारी पड़ सकता है, इसकी तस्वीर हैदराबाद में सामने आई है। वीकेंड पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष कार्रवाई में सैकड़ों लोग पकड़े गए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अदालतों ने भी कई वाहन चालकों को कड़ी सजा सुनाई है।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद और आसपास के इलाकों में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। हैदराबाद, साइबराबाद और मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट में की गई विशेष जांच के दौरान कुल 773 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने वीकेंड पर सड़कों पर निगरानी बढ़ाते हुए शराब के नशे में वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।

सबसे पहले बात हैदराबाद की। यहां ट्रैफिक पुलिस ने 30 और 31 अक्टूबर को दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में 328 चालक पकड़े गए। वहीं, साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने भी 30 और 31 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए 205 मामले दर्ज किए।

दूसरी तरफ, मलकाजगिरी कमिश्नरेट में 25 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 240 लोगों को पकड़ा। इन मामलों में 202 दोपहिया वाहन, सात तिपहिया वाहन और 31 चारपहिया वाहन शामिल थे। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी 240 आरोपी पुरुष थे।

मलकाजगिरी ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने यह चेतावनी भी दी है कि शराब के नशे में वाहन चलाने और किसी की जान लेने वाली दुर्घटना का कारण बनने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 105 के तहत कार्रवाई हो सकती है। यह धारा गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाले आपराधिक मानव वध से संबंधित है।

इस अभियान के बीच अदालतों की कार्रवाई के आंकड़े भी सामने आए हैं। मलकाजगिरी कमिश्नरेट में इसी सप्ताह शराब पीकर वाहन चलाने से जुड़े 339 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें पांच लोगों को जेल की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, 23 लोगों को जुर्माना भरने के साथ सामाजिक सेवा करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा 311 मामलों में आरोपियों पर केवल आर्थिक जुर्माना लगाया गया।

इन आंकड़ों से साफ है कि ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया के जरिए भी शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों पर सख्ती बरती जा रही है।

दरअसल, शराब के सेवन के बाद वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने की क्षमता और सड़क पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए यातायात नियमों का पालन और जिम्मेदारी से वाहन चलाना बेहद जरूरी है।

हैदराबाद, साइबराबाद और मलकाजगिरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस का संदेश साफ है—शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे में वाहन चालकों को चाहिए कि शराब का सेवन करने के बाद खुद ड्राइव करने के बजाय सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था अपनाएं।

याद रखिए, थोड़ी सी लापरवाही किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।