Bhopal Crime | भोपाल रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड, आगरा से गिरफ्तार केयरटेकर
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Rakesh Agrawal Murder
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड का आरोपी वरुण कुमार आगरा से गिरफ्तार।
भोपाल लाते समय पुलिस कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली।
हमीदिया अस्पताल में उपचार जारी, पुलिस करेगी हत्या के कारणों की जांच।
Bhopal / भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी की सनसनीखेज हत्या के बाद करीब एक महीने से फरार आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लेकिन भोपाल लाते समय उसने भागने की कोशिश की और पुलिस की गोली का शिकार हो गया। आखिर क्या हुआ था उस सुबह?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और मृतक के केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, भोपाल लाते समय मंगलवार सुबह करीब पांच बजे मुगलिया छाप के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस की कार्रवाई में वरुण के पैर में गोली लगी है।
पुलिस के मुताबिक, आगरा से गिरफ्तार कर भोपाल लाए जा रहे वरुण कुमार ने रास्ते में पुलिस टीम के साथ झूमाझटकी की और भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं रुका तो पुलिस ने गोली चलाई। इस कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई।
इसके बाद पुलिस की विशेष टीम उसे उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसे भर्ती कराया गया है। पुलिस अब उसकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
दरअसल, 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित आवास में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद उनके केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने मुख्य आरोपी माना था। घटना के बाद से ही वह फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भोपाल पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही थीं। पुलिस ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब सहित कई स्थानों पर उसकी तलाश कर चुकी थी। जांच के दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर बच निकल रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया था। इस टीम की जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ AIG उमेश तिवारी को सौंपी गई थी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
इस मामले को लेकर IAS एसोसिएशन ने भी चिंता जताई थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पहले मुख्य सचिव और फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने विशेष जांच दल के माध्यम से तलाश और तेज कर दी।
रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि वरुण को आगरा से पकड़ा गया है। भोपाल लाते समय उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर राकेश अग्रवाल की हत्या के पीछे की वजह, घटनाक्रम और संभावित अन्य पहलुओं का पता लगाने की कोशिश करेगी।
फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर वरुण कुमार ने रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या क्यों की? पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच से इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।