हैदराबाद में 13 साल के बच्चे से यौन शोषण, मदरसा शिक्षक को उम्रकैद

Tue 29-Sep-2026,10:48 PM IST +05:30

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हैदराबाद में 13 साल के बच्चे से यौन शोषण, मदरसा शिक्षक को उम्रकैद Hyderabad Child Abuse Case
  • 13 वर्षीय बच्चे के यौन शोषण मामले में मदरसा शिक्षक को उम्रकैद।

  • अदालत ने आरोपी पर 25,500 रुपये का जुर्माना लगाया।

  • पीड़ित बच्चे को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

Telangana / Hyderabad :

Hyderabad / हैदराबाद में 13 वर्षीय बच्चे के यौन शोषण के मामले में रंगा रेड्डी जिले की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 30 वर्षीय मदरसा शिक्षक मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 25,500 रुपये का जुर्माना लगाया है और पीड़ित बच्चे को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यह फैसला 29 सितंबर 2026 को एलबी नगर स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में सुनाया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मामिडिपल्ली स्थित मदरसा इस्लामिया काशिफुल उलूम में शिक्षक था। मामला पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। अदालत में यह मामला SC No. 210/2025 के रूप में चला, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में इसे Crime No. 09/2025 के तहत दर्ज किया गया था।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्चा मदरसे में पढ़ता था। 26 दिसंबर 2024 को उसकी तबीयत खराब होने के बाद उसे घर लाया गया। अगले दिन, 27 दिसंबर को बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई। पुलिस के अनुसार, जांच में उसके निजी अंगों में गंभीर संक्रमण पाया गया।

मेडिकल जांच के बाद परिवार को बच्चे की स्थिति को लेकर चिंता हुई। पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन बाद बच्चे ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया। बच्चे ने कथित तौर पर बताया कि 25 दिसंबर 2024 को मदरसा शिक्षक मोहम्मद मुनव्वर हुसैन ने उसके साथ यौन शोषण किया था।

बच्चे से मिली जानकारी के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पिता ने 4 जनवरी 2025 को पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और उन्हें अदालत के सामने पेश किया। पुलिस के मुताबिक, जांच इंस्पेक्टर सी. जितेंद्र और इंस्पेक्टर पी. गुरुवा रेड्डी ने की, जबकि पहाड़ी शरीफ थाने के SHO इंस्पेक्टर बी. लक्ष्मी नारायण रेड्डी ने जांच की निगरानी की।

अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण प्रसन्ना ने मामले की पैरवी की। पुलिस के अनुसार, अदालत के सामने पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दोषसिद्धि हुई।

अदालत ने मोहम्मद मुनव्वर हुसैन को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और POCSO एक्ट, 2012 की धाराओं 5(f)(l) और 6 के तहत दोषी ठहराया। POCSO कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। मामले की सुनवाई रंगा रेड्डी जिले के एलबी नगर स्थित उस फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में हुई, जहां रेप और POCSO से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाती है।

फैसले के बाद पुलिस ने जांच अधिकारियों और अभियोजन टीम के प्रयासों की सराहना की। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने में जांच तथा अभियोजन टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

इस मामले में अदालत का फैसला करीब नौ महीने से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद आया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिसंबर 2024 में बच्चे की तबीयत खराब होने और मेडिकल जांच के बाद मामला सामने आया था। इसके बाद परिवार की शिकायत पर जनवरी 2025 में FIR दर्ज हुई, जांच पूरी की गई और मामला अदालत में पहुंचा।

अब अदालत ने आरोपी शिक्षक को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ जुर्माना और पीड़ित बच्चे के लिए मुआवजे का आदेश दिया है।