अमित शाह का बड़ा बयान: बस्तर में नक्सलवाद खत्म, विकास के नए युग की शुरुआत
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Chhattisgarh News
बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित किया गया.
शहीदों और सुरक्षा बलों को सम्मान.
विकास और पुनर्वास योजनाओं पर जोर.
Chhattisgarh / छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा दिए गए संबोधन ने देश की आंतरिक सुरक्षा और विकास नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। अपने भाषण में उन्होंने नक्सलवाद के अंत और बस्तर क्षेत्र में हो रहे तेज विकास को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक हिंसा और भय के माहौल में जीने वाले इस क्षेत्र में अब शांति, विश्वास और विकास का नया अध्याय शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। हजारों जवानों के बलिदान और लगातार अभियानों के कारण आज बस्तर जैसे क्षेत्र मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अब केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि इन इलाकों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
इस कार्यक्रम में “शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा” परियोजना की शुरुआत को भी एक बड़ा कदम बताया गया। इसके तहत सुरक्षा कैंपों को विकास केंद्रों में बदला जाएगा, जहां से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि मार्गदर्शन और रोजगार जैसी सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचेंगी। इससे आदिवासी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद खत्म करना नहीं, बल्कि उन कारणों को भी समाप्त करना है जिनकी वजह से यह समस्या लंबे समय तक बनी रही। उन्होंने आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के पुनर्वास पर भी जोर दिया और कहा कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ जोड़ा जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बस्तर के हर गांव में बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, बैंकिंग और संचार व्यवस्था को तेज गति से विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने कई नई योजनाएं तैयार की हैं। उनका कहना था कि जब तक आदिवासी क्षेत्रों का विकास देश के अन्य हिस्सों के बराबर नहीं होता, तब तक “विकसित भारत” का सपना पूरा नहीं हो सकता।
कार्यक्रम में सुरक्षा बलों की भूमिका की भी सराहना की गई, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में ऑपरेशन चलाकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल की। गृह मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल सेना की नहीं, बल्कि पूरे देश की एक सामूहिक जीत है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर देश के सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्रों में शामिल होगा और यहां के लोग सम्मान और समृद्धि के साथ जीवन जी सकेंगे।