UAE न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला: बराकाह पावर स्टेशन में आग से बढ़ा तनाव
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UAE News
बराकाह न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला.
जनरेटर में आग लगी, कोई हताहत नहीं.
सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की.
UAE / संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है। रविवार को हुए इस हमले में प्लांट के बाहर लगे एक बिजली जनरेटर में आग लग गई, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार का रेडियोएक्टिव रिसाव हुआ।
अबू धाबी प्रशासन के अनुसार, यह हमला बेहद संवेदनशील समय पर हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे ईरान समर्थित समूह हो सकते हैं। दूसरी ओर ईरान का दावा है कि UAE ने क्षेत्रीय संघर्ष में इजरायल का समर्थन किया है, जिससे तनाव और बढ़ा है।
जानकारी के मुताबिक, तीन ड्रोन देश की सीमा में प्रवेश किए थे, जिनमें से दो को सुरक्षा बलों ने मार गिराया, लेकिन एक ड्रोन पावर प्लांट तक पहुंचने में सफल रहा और जनरेटर से टकरा गया। इसके बाद वहां आग लग गई, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने स्पष्ट किया है कि इस हमले से प्लांट की सुरक्षा प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी चार रिएक्टर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। यह पावर प्लांट UAE की लगभग 25 प्रतिशत बिजली जरूरतों को पूरा करता है और इसे अरब क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रोजेक्ट माना जाता है।
इस हमले के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक नाजुक हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव, लेबनान में इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष और खाड़ी देशों पर बढ़ते हमलों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजारों पर भी असर डाल सकते हैं। फिलहाल UAE सरकार ने जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।