भारतीय तटरक्षक बल को मिलेगी नई ताकत, गोवा में स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल निर्माण का बड़ा कदम

Mon 11-May-2026,11:59 PM IST +05:30

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भारतीय तटरक्षक बल को मिलेगी नई ताकत, गोवा में स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल निर्माण का बड़ा कदम Indian Coast Guard
  • गोवा में स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल निर्माण का बड़ा कदम. 

  • भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा क्षमता होगी मजबूत. 

  • आत्मनिर्भर भारत मिशन को मिलेगा नया बल. 

Goa / Goa Velha :

Delhi / Indian Coast Guard ने समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। 11 मई 2026 को गोवा के रस्सैम यार्ड स्थित Chowgule and Company Private Limited में भारतीय तटरक्षक बल के चौथे, पांचवें और छठे एयर कुशन व्हीकल (एसीवी) का ‘गर्डर लेइंग’ समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

इन आधुनिक एयर कुशन व्हीकल्स का निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत किया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी, बल्कि घरेलू उद्योगों और तकनीकी विकास को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

भारतीय तटरक्षक बल के लिए बनाए जा रहे इन छह एसीवी का अनुबंध 24 अक्टूबर 2024 को चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के साथ हस्ताक्षरित किया गया था। इन अत्याधुनिक वाहनों को खास तौर पर भारत के विशाल तटीय क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है।

एयर कुशन व्हीकल अपनी खास तकनीक के कारण पानी, दलदली क्षेत्रों और उथले इलाकों में भी आसानी से संचालन करने में सक्षम होते हैं। यही वजह है कि इन्हें तटीय सुरक्षा और तेजी से प्रतिक्रिया देने वाले अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय तटरक्षक बल इन एसीवी का उपयोग हाई-स्पीड तटीय गश्त, टोही मिशन, अवरोधन और निरोधक अभियानों में करेगा। इसके अलावा दिन और रात दोनों समय खोज एवं बचाव अभियान चलाने में भी ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, ये एसीवी संकट में फंसे जहाजों और नौकाओं को सहायता पहुंचाने में भी सक्षम होंगे। भारत की लंबी समुद्री सीमा और लगातार बढ़ती समुद्री चुनौतियों को देखते हुए इन आधुनिक वाहनों की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित ऐसे रक्षा उपकरण भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे विदेशी तकनीक और आयात पर निर्भरता कम होगी, साथ ही देश में रोजगार और तकनीकी विशेषज्ञता को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय तटरक्षक बल पहले से ही समुद्री सुरक्षा, तस्करी रोकने, अवैध गतिविधियों पर निगरानी और आपदा राहत अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब इन नए एयर कुशन व्हीकल्स के शामिल होने से उसकी परिचालन क्षमता और रणनीतिक ताकत में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है। यह कदम भारत की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देने के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को भी नई गति देगा।