IBBI अध्यक्ष ने IICA PGIP कार्यक्रम का शुभारंभ

Tue 06-Jan-2026,05:35 PM IST +05:30

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  • IBBI अध्यक्ष ने IICA पीजीआईपी कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए छात्रों को इंटर्नशिप और शोध अवसरों के लिए मजबूत संस्थागत समर्थन का भरोसा दिया।

  • दिवालियापन और कॉर्पोरेट पुनर्गठन क्षेत्र में कुशल पेशेवर तैयार करने पर IICA और IBBI का संयुक्त फोकस।

Delhi / New Delhi :

DELHI/ भारतीय दिवालियापन एवं दिवालिया बोर्ड (IBBI) के अध्यक्ष श्री रवि मित्तल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (IICA) परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीजीआईपी (Post Graduate Insolvency Programme) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में दिवालियापन और कॉर्पोरेट पुनर्गठन का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें प्रशिक्षित पेशेवरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

IBBI अध्यक्ष ने पीजीआईपी छात्रों को मजबूत संस्थागत सहयोग का भरोसा दिलाते हुए घोषणा की कि चयनित छात्रों को IBBI में एक वर्ष की इंटर्नशिप उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि शोध में रुचि रखने वाले छात्र आगामी आईबीबीआई रिसर्च प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे उन्हें नियामक संस्थान के साथ प्रत्यक्ष कार्य-अनुभव प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए आईआईसीए के महानिदेशक एवं सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान क्षमता निर्माण, अकादमिक उत्कृष्टता और नियामक व उद्योग जगत के साथ घनिष्ठ सहयोग के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि पीजीआईपी जैसे कार्यक्रम छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान और वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर आईआईसीए के दिवालियापन एवं दिवालिया केंद्र के विभागाध्यक्ष श्री सुधाकर शुक्ला ने पीजीआईपी केंद्र की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अकादमिक कठोरता, उद्योग से मजबूत जुड़ाव और बढ़ता हुआ पूर्व छात्र नेटवर्क इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।

कार्यक्रम के दौरान पीजीआईपी पूर्व छात्र वेबसाइट भी लॉन्च की गई, जो एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगी। इसका उद्देश्य पूर्व छात्रों को वर्तमान छात्रों से जोड़ना, ज्ञान साझा करना, समस्या-समाधान को प्रोत्साहित करना और उद्योग के साथ बेहतर नेटवर्किंग सुनिश्चित करना है।

संवादमूलक सत्र में छात्रों ने आईआईसीए द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग, सम्मेलनों और सेमिनारों में भागीदारी के अवसरों तथा उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद के लिए आभार व्यक्त किया। छात्रों का मानना है कि इस प्रकार की पहल उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा को नई दिशा देती है।