मिडिल ईस्ट तनाव: पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा से की बात, खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा पर जोर

Mon 02-Mar-2026,10:28 PM IST +05:30

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मिडिल ईस्ट तनाव: पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा से की बात, खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा पर जोर PM Modi Jordan Call
  • पीएम मोदी ने जॉर्डन समेत खाड़ी नेताओं से की बातचीत.

  • 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष फोकस.

  • संवाद और कूटनीति से समाधान पर भारत का जोर.

Delhi / Delhi :

Delhi / मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने सक्रिय कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत जॉर्डन की शांति, सुरक्षा और वहां की जनता के कल्याण के लिए अपना समर्थन दोहराता है। साथ ही, इस कठिन समय में जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए आभार भी व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं और भारत संवाद व कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान का समर्थन करता है। पश्चिम एशिया में ईरान द्वारा सऊदी अरब और कतर सहित कई देशों में हमले किए जाने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजरायल ने भी ईरान पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

भारत के लिए यह संकट इसलिए भी अहम है क्योंकि पश्चिम एशिया में करीब 90 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी रविवार से अब तक संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा से भी बातचीत कर चुके हैं। हर वार्ता में क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने बताया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि समस्याओं का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है। यह भी जरूरी है कि आम नागरिकों को इस संघर्ष की कीमत न चुकानी पड़े।

सऊदी अरब के युवराज से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया हमलों की कड़ी निंदा की और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया। बहरीन के नेतृत्व से बातचीत में भी भारत ने स्पष्ट किया कि वह इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।

लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों के बीच भारत संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाते हुए शांति की अपील कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि कूटनीतिक माध्यमों से तनाव कम हो और खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीय सुरक्षित रहें। मौजूदा परिस्थितियों में भारत की यह सक्रिय कूटनीति क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।