जल शक्ति मंत्रालय ने FSM मॉडल पर वर्चुअल संवाद
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जल शक्ति मंत्रालय ने 6 जनवरी को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एफएसएम मॉडलों पर वर्चुअल संवाद आयोजित किया।
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने प्रतिभागियों की सराहना की और स्थायी, समावेशी और व्यवहार्य एफएसएम समाधानों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
Delhi/ जल शक्ति मंत्रालय ने 6 जनवरी 2026 को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मल कीचड़ प्रबंधन (एफएसएम) के विभिन्न मॉडलों पर चर्चा के लिए एक वर्चुअल संवाद आयोजित किया। इस संवाद की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने की। जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, पीयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के.के. मीना और मिशन निदेशक सुश्री ऐश्वर्या सिंह ने भी इसमें भाग लिया। संवाद में जिला कलेक्टर, जिला पंचायत प्रमुख, स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य, पंचायत सदस्य और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
संवाद का उद्देश्य संपूर्ण स्वच्छता मूल्य श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करना, सफल और विस्तार योग्य एफएसएम मॉडल साझा करना और शौचालय निर्माण से परे सुरक्षित स्वच्छता प्रणालियों के महत्व को सुदृढ़ करना था। गुजरात, सिक्किम, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, लद्दाख और त्रिपुरा के प्रतिनिधियों ने अपने जमीनी अनुभव और एफएसएम मॉडल प्रस्तुत किए।
मुख्य मॉडल और नवाचार:
ओडिशा के खुर्दा जिले में ट्रांसजेंडर-आधारित स्वयं सहायता समूह द्वारा एफएसटीपी का संचालन और रखरखाव।
गुजरात के दांग जिले में दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में दोहरे गड्ढे वाले शौचालय का अनुकूलन।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में ग्रामीण एफएसटीपी और एमआरएफ संयोजन के साथ मत्स्य पालन का अभिनव प्रयोग।
लद्दाख में ठंड और उच्च ऊंचाई वाली परिस्थितियों में इकोसैन शौचालय निर्माण।
त्रिपुरा में मोबाइल बायो-शौचालयों का स्थानीय SHG नेतृत्व में संचालन।
संवाद के दौरान राज्यों ने एफएसएम के नवोन्मेषी और विस्तार योग्य मॉडल साझा किए, जो सुरक्षित मल कीचड़ प्रबंधन के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर भी प्रदान करते हैं। मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ये पहल चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में भी स्थायी समाधान प्रदान करती हैं।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि एफएसएम समाधानों को व्यवहार्य, समावेशी और दीर्घकालिक बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी, स्वयं सहायता समूह, पंचायत और उपयुक्त प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, स्वच्छता अभियान ने देशभर में अभूतपूर्व गति प्राप्त की है।
मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा एफएसएम के नवाचार, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।