NQAS के तहत 50 हजार से अधिक स्वास्थ्य केंद्र प्रमाणित

Wed 07-Jan-2026,05:27 PM IST +05:30

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NQAS के तहत 50 हजार से अधिक स्वास्थ्य केंद्र प्रमाणित NQAS-Certified-Public-Health-Facilities-India-2025
  • आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और जिला अस्पतालों में रोगी-केंद्रित, सुरक्षित और मानकीकृत सेवाओं को बढ़ावा मिला।

  • डिजिटल और वर्चुअल मूल्यांकन प्रणाली से स्वास्थ्य सुविधाओं के गुणवत्ता प्रमाणन में तेज़ी आई।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 31 दिसंबर 2025 तक देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 50,373 सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत प्रमाणित किया जा चुका है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित गुणवत्ता सुधार ढांचे की सफलता को दर्शाती है।

एनक्यूएएस प्रमाणन का आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंचना केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि यह सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसका सीधा लाभ समाज के गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों को मिल रहा है, जिन्हें अब बेहतर और मानकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

एनक्यूएएस की शुरुआत वर्ष 2015 में सिर्फ 10 जिला अस्पतालों के प्रमाणन से हुई थी। शुरुआती चरण में इसका उद्देश्य जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। बाद के वर्षों में इस गुणवत्ता ढांचे का विस्तार उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक किया गया।

तकनीकी नवाचार के तहत वर्चुअल मूल्यांकन प्रणाली लागू किए जाने से एनक्यूएएस प्रमाणन प्रक्रिया में तेज़ी आई। आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2023 में जहां केवल 6,506 सुविधाएं प्रमाणित थीं, वहीं दिसंबर 2024 में यह संख्या 22,786 तक पहुंच गई और दिसंबर 2025 में 50,373 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। इनमें 48,663 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 1,710 द्वितीयक स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार गुणवत्ता और किफायती सेवाओं पर विशेष जोर दे रही है। निरंतर क्षमता निर्माण, डिजिटल निगरानी, प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं की संख्या में वृद्धि और सतत गुणवत्ता सुधार तंत्र ने इस लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है।

50,000 से अधिक एनक्यूएएस प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाएं यह दर्शाती हैं कि भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और भरोसेमंद सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की ओर तेज़ी से अग्रसर है। सरकार ने मार्च 2026 तक कम से कम 50 प्रतिशत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को एनक्यूएएस प्रमाणन देने का अंतरिम लक्ष्य तय किया है, जिससे गुणवत्ता को स्थायी रूप से संस्थागत किया जा सके।