PMGSY-IV: 6 राज्यों में 10,000 किमी सड़कें
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV से 6 राज्यों में 10,000 किमी से अधिक नई ग्रामीण सड़कों को मंजूरी, हजारों बस्तियों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी।
70,125 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना 2024-29 के बीच लागू, विकसित भारत लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम।
Delhi/ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत देश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम सहित कई राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में निर्णायक साबित होगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV के अंतर्गत स्वीकृत ये सड़क परियोजनाएं देश के दूरस्थ पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों को हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कों से जोड़ेंगी। इन सड़कों के माध्यम से लगभग 3,270 ऐसे क्षेत्र जुड़ेंगे, जो अब तक मुख्य संपर्क से वंचित थे। इससे ग्रामीण समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, बाजारों और रोजगार के अवसरों तक आसान पहुंच मिलेगी।
योजना के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक आबादी वाली, पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में 250 से अधिक आबादी वाली और विशेष श्रेणी के क्षेत्रों में 100 से अधिक आबादी वाली असंबद्ध बस्तियों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। वाम उग्रवाद से प्रभावित जिलों में भी न्यूनतम 100 आबादी वाली बस्तियों को प्राथमिकता दी गई है।
इस चरण में कुल 62,500 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सड़क निर्माण के साथ-साथ आवश्यक पुलों और अन्य सहायक संरचनाओं का भी विकास किया जाएगा, ताकि कनेक्टिविटी टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर 2024 को पीएमजीएसवाई-IV के कार्यान्वयन को मंजूरी दी थी। यह योजना वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक लागू रहेगी। इसके लिए कुल 70,125 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 49,087.50 करोड़ रुपये और राज्यों का योगदान 21,037.50 करोड़ रुपये है।
ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि यह योजना “विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।