राजस्थान क्षेत्रीय AI प्रभाव सम्मेलन 2026: समावेशी विकास की ओर भारत का AI रोडमैप
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युवा एआई साक्षरता, स्टार्टअप सहयोग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी ने समावेशी और जिम्मेदार एआई अपनाने की दिशा तय की।
राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन 2026 ने शासन, नवाचार और कौशल विकास में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर राष्ट्रीय विमर्श को मजबूती दी।
Jaipur/ राजस्थान क्षेत्रीय AI प्रभाव सम्मेलन का आयोजन मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को किया गया, जिसने शासन, बुनियादी ढांचे, नवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर राष्ट्रीय विमर्श को नई दिशा दी। यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को प्रस्तावित इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 का एक महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास रहा, जिसमें नीति, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षा जगत के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।
सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअल माध्यम से), राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और राजस्थान के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने भारत की एआई-आधारित विकास यात्रा में राजस्थान की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस प्रकार औद्योगिक क्रांति, बिजली और इंटरनेट ने समाज को बदला, उसी तरह एआई अगला बड़ा परिवर्तनकारी चरण है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रौद्योगिकी के लोकतांत्रिकरण के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए दस लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित करने की राष्ट्रीय पहल की जानकारी दी।
राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बताया कि इंडिया एआई मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में एआई समाधानों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिससे नागरिकों की आय, उत्पादकता और जीवन स्तर में सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान अब ई-गवर्नेंस से आगे बढ़कर एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने राजस्थान एआई/एमएल नीति 2026 के शुभारंभ को राज्य के लिए एक निर्णायक कदम बताया, जो पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह एआई प्रणालियों को सुनिश्चित करेगी।
सम्मेलन के दौरान कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ हुआ, जिनमें सभी के लिए युवा एआई राष्ट्रीय साक्षरता अभियान, राजस्थान एआई पोर्टल, आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कौशल विकास, उद्यमिता, रचनात्मक उद्योगों और नवाचार को गति देना है।
इसके अतिरिक्त, गूगल, आईआईटी दिल्ली, एनएलयू जोधपुर और वाधवानी फाउंडेशन के साथ एआई अनुसंधान, नैतिक ढांचे और कौशल विकास के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समानांतर सत्रों में शासन, अवसंरचना, नैतिकता और रोजगार में एआई के वास्तविक अनुप्रयोगों पर गहन चर्चा हुई।
कुल मिलाकर, राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने भारत के समावेशी, जिम्मेदार और नागरिक-केंद्रित एआई भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार किया।