CGBSE 12वीं हिंदी पेपर लीक: परीक्षा रद्द, अब 10 अप्रैल को दोबारा होगी परीक्षा
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छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा हिंदी परीक्षा रद्द करने का फैसला छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लिया गया, जिससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनी रहे।
10 अप्रैल को पुनः परीक्षा आयोजित होने से छात्रों को तैयारी का अतिरिक्त समय मिला, जिससे उनके प्रदर्शन और परिणाम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Raipur/ छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा को रद्द करने का अहम फैसला लिया है। यह निर्णय प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद लिया गया। मंडल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल परीक्षा निरस्त की, बल्कि नई परीक्षा तिथि भी घोषित कर दी है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा 12वीं हिंदी परीक्षा रद्द किए जाने का निर्णय परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मंडल के सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, 12वीं हिंदी की परीक्षा पहले 14 मार्च को आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले ही सेट-बी प्रश्नपत्र के लीक होने की खबर सामने आई। यह खबर तेजी से मीडिया और सोशल मीडिया पर फैल गई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे। इसके तुरंत बाद मंडल ने जांच के आदेश जारी किए और परीक्षा को स्थगित कर दिया।
अब यह परीक्षा 10 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों को नया एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा और पहले जारी एडमिट कार्ड ही मान्य रहेगा।
इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए गए हैं। मंडल ने साइबर थाने को लिखित सूचना भेजी है और सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस और साइबर टीम मामले की जांच में जुट गई है, ताकि पेपर लीक के पीछे शामिल लोगों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
छात्रों के लिए बोर्ड ने विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। साथ ही, नई परीक्षा तिथि को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखें।
पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल जरूर खड़े करती हैं, लेकिन बोर्ड की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब सभी की निगाहें 10 अप्रैल को होने वाली पुनः परीक्षा पर टिकी हैं।