शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड में STF की बड़ी कार्रवाई, बिहार-यूपी से 3 आरोपी गिरफ्तार

Mon 11-May-2026,02:30 PM IST +05:30

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शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड में STF की बड़ी कार्रवाई, बिहार-यूपी से 3 आरोपी गिरफ्तार Suvendu Adhikari PA Murder
  • शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड में 3 आरोपी गिरफ्तार. 

  • UPI पेमेंट और CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग. 

  • हत्या में ग्लॉक 47 एक्स पिस्तौल इस्तेमाल होने की आशंका. 

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल केस में West Bengal Police STF ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है और गिरफ्तारियां बिहार तथा उत्तर प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाकर की गई हैं।

यह मामला 6 मई की रात सामने आया था, जब उत्तर 24 परगना जिले में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे बंगाल में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था। अब STF की कार्रवाई के बाद जांच में कई अहम सुराग सामने आए हैं।

जानकारी के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले से विशाल श्रीवास्तव नामक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया गया है। उसे बिहार पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में बक्सर के पांडे पट्टी गांव से हिरासत में लिया गया। विशाल श्रीवास्तव पर हत्या, लूट और डकैती सहित 15 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि वह चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की साजिश में शामिल था। गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल STF उसे कोलकाता ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

इसके अलावा दो अन्य आरोपियों राज सिंह और मयंक को भी गिरफ्तार किया गया है। राज सिंह मूल रूप से बलिया का रहने वाला बताया जा रहा है, हालांकि वह लंबे समय से बक्सर में रह रहा था। वारदात के बाद वह अयोध्या में छिपकर रह रहा था। कोलकाता पुलिस और अयोध्या पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में उसे पकड़ा गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि राज सिंह हत्या की साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि आरोपियों ने खुद गोली चलाई थी या किसी शूटर को हायर किया था।

इस केस की जांच में तकनीक ने भी बड़ी भूमिका निभाई। जांचकर्ताओं को हावड़ा के एक टोल प्लाजा से अहम सुराग मिला, जहां हमलावरों ने कथित तौर पर यूपीआई से टोल का भुगतान किया था। इसी भुगतान के जरिए पुलिस को एक मोबाइल नंबर मिला, जिसने आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध वाहन और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरें भी रिकॉर्ड हुई थीं।

पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान चंद्रनाथ रथ की एसयूवी को एक सिल्वर रंग की कार ने रोका था। इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। वारदात के बाद आरोपी कार और मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल बरामद कर लीं।

जांच एजेंसियों ने हत्या में इस्तेमाल हथियार की पहचान ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक 47 एक्स पिस्तौल के रूप में की है। यह अत्याधुनिक हथियार माना जाता है, जिसके इस्तेमाल ने राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल CID और STF की संयुक्त SIT पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकती है।