छत्तीसगढ़ में 2026 से खत्म होगी वार्षिक परीक्षा प्रणाली, NEP से बड़ा बदलाव
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Chhattisgarh Education System Change 2026 Nep
माशिम द्वारा 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी से, प्रैक्टिकल जनवरी से और साल में दो बार आयोजित की जाएंगी।
बोर्ड परीक्षा परिणाम में अब तिमाही और छमाही परीक्षाओं के अंक भी जोड़े जाएंगे, जिससे मूल्यांकन प्रणाली बदलेगी।
Raipur/ छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा व्यवस्था वर्ष 2026 से एक बड़े और ऐतिहासिक परिवर्तन की ओर बढ़ने जा रही है। राज्य के महाविद्यालयों में दशकों से चली आ रही वार्षिक परीक्षा प्रणाली अब पूरी तरह समाप्त होने जा रही है। जुलाई 2025 में कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी इस प्रणाली के तहत पढ़ाई करने वाले अंतिम बैच होंगे, जिनकी परीक्षाएं मार्च–अप्रैल 2026 में आयोजित की जाएंगी।
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद यह बैच कॉलेजों से पास आउट हो जाएगा और इसके साथ ही वार्षिक परीक्षा प्रणाली इतिहास का हिस्सा बन जाएगी। इसके बाद महाविद्यालयों में नियमित वार्षिक कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। हालांकि, जो विद्यार्थी पूरक या अनुत्तीर्ण श्रेणी में आएंगे, उनके लिए केवल परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, लेकिन उनके लिए अलग से नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी।
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू किए जा रहे नए अकादमिक ढांचे का हिस्सा है। शिक्षा विभाग के अनुसार, जुलाई 2024 से प्रथम वर्ष, जुलाई 2025 से द्वितीय वर्ष और जुलाई 2026 से तृतीय वर्ष में NEP पूरी तरह लागू हो जाएगी। इसके बाद कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और क्रेडिट आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे छात्रों को पढ़ाई में अधिक लचीलापन मिलेगा।
इसी के साथ स्कूल शिक्षा में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) द्वारा आयोजित की जाने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं अब मार्च की बजाय फरवरी से शुरू होंगी। वहीं, प्रायोगिक परीक्षाएं अब 1 जनवरी से आयोजित की जाएंगी।
एक और अहम बदलाव यह है कि अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर अवसर देना और नए शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाना है। इसके अलावा, बोर्ड परीक्षा के अंतिम परिणाम में अब तिमाही और छमाही परीक्षाओं के अंक भी जोड़े जाएंगे, जिससे छात्रों के समग्र मूल्यांकन को महत्व मिलेगा।
इन बदलावों के चलते छात्रों को अब अपनी पढ़ाई और परीक्षा की रणनीति नए सिरे से तैयार करनी होगी।