Madhya Pradesh / Jabalpur : Jabalpur / जिला निर्वाचन कार्यालय, जबलपुर द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 को लेकर एक अहम पहल की गई है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी पात्र युवा मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद 22 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस अवधि में नए नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों को सुधारने और अपात्र नाम हटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन हो सके।
1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए उन सभी पात्र युवाओं पर फोकस किया जा रहा है, जिनके नाम 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। खासतौर पर कॉलेज और तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए जबलपुर जिले के उच्च शिक्षा संस्थानों में 9 और 10 जनवरी 2026 को विशेष कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इन कैंपों के माध्यम से विद्यार्थियों को मौके पर ही नाम जुड़वाने की सुविधा दी जाएगी।
इस अभियान की तैयारी और क्रियान्वयन को लेकर 6 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, जबलपुर में महाविद्यालय प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती ज्योति परस्ते ने की। उन्होंने सभी प्राचार्यों को विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी और यह स्पष्ट किया कि इस अभियान का लक्ष्य शत-प्रतिशत पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में शामिल करना है।
श्रीमती परस्ते ने निर्देश दिए कि महाविद्यालयों में ईसीआई नेट ऐप और निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए, ताकि नाम जोड़ने का काम तेज और पारदर्शी ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि 9 और 10 जनवरी को आयोजित विशेष कैंपों में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा नाम दर्ज कराने से न छूटे। बैठक के दौरान प्राचार्यों द्वारा उठाए गए सभी सवालों के समाधान भी मौके पर ही किए गए।
जिला स्वीप समन्वयक डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव ने भी बैठक में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महाविद्यालय में कक्षा शिक्षकों के माध्यम से यह जानकारी जुटाई जाए कि उनकी कक्षा में कितने विद्यार्थी अभी तक प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं। इसके आधार पर कक्षावार सूची तैयार कर 9 और 10 जनवरी को सघन नाम जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। अभियान के बाद निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी मार्गदर्शन दिया गया।
इस बैठक में जबलपुर जिले के सभी शासकीय, अनुदानित, अशासकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य तकनीकी संस्थानों के प्राचार्य मौजूद रहे। निर्वाचन प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है, ताकि युवा मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।