मौसमी वायरल संक्रमण तेज
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सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं और दवा बाजार में कफ सिरप की मांग में तेज़ी आई है।
विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता और खान-पान में सावधानी रखने की सलाह दी है।
Raipur/ मौसमी बदलाव के साथ सक्रिय होने वाला इंफ्लुएंजा श्रेणी का वायरल संक्रमण इस बार अधिक असरदार और लंबा खिंचने वाला रूप दिखा रहा है। यह वायरस गले और चेस्ट में इंफेक्शन पैदा कर रहा है और इसके लक्षण कोविड-19 जैसी स्थिति के समान दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है, और हर उम्र के लोग इसके प्रभाव में हैं।
बदलते मौसम के साथ सक्रिय हुआ मौसमी वायरल संक्रमण इस बार तेजी से फैल रहा है। सरकारी अस्पतालों के मेडिसिन विभागों में आने वाले हर दस में लगभग चार मरीज मौसमी वायरल से प्रभावित पाए जा रहे हैं। डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि इंफ्लुएंजा श्रेणी का यह वायरल संक्रमण लगातार म्यूटेशन के कारण अलग-अलग लक्षण दिखा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार वायरल संक्रमण गले में खुजली, चेस्ट में कफ जमने, जुकाम और बुखार के रूप में सामने आ रहा है। करीब 90 प्रतिशत मरीजों में गले और चेस्ट की समस्या पाई जा रही है। डॉ. आर.के. पटेल ने कहा कि मौसमी वायरल इस बार अपेक्षाकृत लंबा खिंच रहा है और ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
अस्पतालों में लगातार मरीजों की भीड़ बढ़ी हुई है। आंबेडकर अस्पताल और जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में संक्रमित मरीज 15 से 20 दिन तक पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पा रहे। दवा बाजार में कफ सिरप की मांग बढ़ी है। पिछले एक महीने में दवा बाजार में लगभग 10 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों ने सभी उम्र के लोगों से खान-पान में सतर्क रहने की सलाह दी। बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. सुभाष मिश्रा ने कहा कि इलाज लक्षणों के आधार पर किया जा रहा है और सावधानी के बिना संक्रमण फैल सकता है।
मौसमी वायरल इस बार हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है और इसकी गंभीरता देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को समय पर चिकित्सीय मदद लेने की सलाह दी है।