मध्य प्रदेश में कड़कड़ाती ठंड की वापसी, 22 नवंबर से तापमान में तेज गिरावट
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22 नवंबर के बाद मध्य प्रदेश बर्फीली सर्दी की चपेट में आ जाएगा
मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर और तापमान में तेज गिरावट की चेतावनी।
ग्वालियर-चंबल सहित कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना।
किसानों और नागरिकों को मौसम के अनुसार सावधानियां बरतने की सलाह।
MP WEATHER/ मध्य प्रदेश में एक बार फिर कड़कड़ाती ठंड दस्तक देने वाली है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 22 नवंबर के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी। उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव कम होने के बाद ठंड का असर तेजी से बढ़ेगा। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में यह 5 डिग्री से भी नीचे जा सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल दिन के तापमान में हल्की गिरावट देखी जा रही है, लेकिन 22 नवंबर के बाद आने वाला ठंड का यह नया दौर काफी तीव्र होगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सागर और उज्जैन संभागों में तापमान में सबसे अधिक गिरावट दर्ज हो सकती है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है, जहां उत्तरी हिमालयी हवाएं सीधे पहुंचती हैं। इस क्षेत्र के कई जिलों में रात का तापमान 5 डिग्री तक गिर सकता है।
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों के लिए शीतलहर अलर्ट जारी किया है। शीतलहर के कारण सुबह और रात के समय ठंडक काफी बढ़ेगी और विजिबिलिटी (दृश्यता) पर भी असर पड़ सकता है। कई जगहों पर हल्का कोहरा भी छा सकता है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अग्रिम तैयारी करें और मौसम के अनुसार सिंचाई व अन्य कृषि कार्यों को समायोजित करें।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। ठंड के कारण बुजुर्गों, बच्चों और पूर्व बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अत्यधिक ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, रात में बाहर निकलने से बचने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह दी गई है।
हर साल नवंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश में सर्दी का प्रभाव बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार तापमान में अपेक्षाकृत तेजी से गिरावट होगी। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 10 दिनों तक ठंड का यह दौर जारी रह सकता है। यदि उत्तर भारत में बर्फबारी तेज होती है, तो मध्य प्रदेश में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में सर्दी की जोरदार वापसी तय मानी जा रही है। तापमान में गिरावट और शीतलहर के चलते राज्य में ठिठुरन और बढ़ेगी, इसलिए नागरिकों को पहले से आवश्यक सावधानियां बरतनी जरूरी है।