किडनी की गंदगी बाहर, शरीर रहेगा तंदुरुस्त: घरेलू उपायों से किडनी सेहत पर बढ़ता भरोसा
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Kidney-Detox
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपाय कारगर.
पर्याप्त पानी और कम नमक बेहद जरूरी.
गंभीर लक्षणों में डॉक्टर की सलाह अनिवार्य.
AGCNN / आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और कम पानी पीने की आदत का सबसे ज्यादा असर किडनी पर पड़ता है। किडनी हमारे शरीर का प्राकृतिक फिल्टर है, जो खून को साफ कर विषैले तत्वों को मूत्र के जरिए बाहर निकालती है। लेकिन जब किडनी पर बोझ बढ़ने लगता है, तो शरीर में थकान, सूजन, पेशाब में जलन और पथरी जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। ऐसे में लोग दवाइयों के साथ-साथ घरेलू उपायों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव और कुछ प्राकृतिक चीजों का सही उपयोग काफी फायदेमंद हो सकता है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के जरिए किडनी डिटॉक्स से जुड़े कुछ आसान घरेलू उपाय चर्चा में हैं, जिन्हें लोग अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं।
सबसे पहला उपाय मक्का या भुट्टे के बाल (कॉर्न सिल्क) से जुड़ा है। आमतौर पर भुट्टा खाते समय इसके बाल फेंक दिए जाते हैं, लेकिन आयुर्वेद और लोक चिकित्सा में इन्हें किडनी के लिए लाभकारी माना गया है। भुट्टे के बालों को पानी में उबालकर उसका काढ़ा पीने से मूत्र मार्ग साफ रहने में मदद मिलती है। माना जाता है कि इससे पथरी बनने की आशंका कम होती है और किडनी की सफाई में सहारा मिलता है।
दूसरा असरदार घरेलू उपाय धनिया पत्ती का पानी बताया जाता है। धनिया भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली चीज है। मुट्ठी भर धनिया पत्ती को पानी में उबालकर, छानकर उसमें थोड़ा नींबू मिलाकर पीने से शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। कई लोग इसे किडनी को सक्रिय रखने और पेशाब से जुड़ी परेशानियों में राहत के लिए उपयोगी मानते हैं। यह उपाय सस्ता होने के साथ-साथ आसानी से अपनाया जा सकता है।
तीसरा और सबसे जरूरी उपाय है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना। डॉक्टरों के अनुसार, दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीने से किडनी पर जमा अपशिष्ट पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं। जितना अधिक पानी, उतनी बेहतर किडनी की सफाई मानी जाती है। हालांकि, जिन लोगों को पहले से किडनी या हृदय संबंधी गंभीर समस्या है, उन्हें पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह से ही तय करनी चाहिए।
इसके साथ ही नमक के सेवन पर नियंत्रण भी किडनी की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। ज्यादा नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अत्यधिक नमकीन और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। कम नमक वाला भोजन न केवल किडनी बल्कि हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।
स्वास्थ्य जानकारों का कहना है कि इन उपायों को अपनाने से यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द की समस्या कम होती है। हालांकि यह भी साफ किया जाता है कि घरेलू उपाय इलाज का विकल्प नहीं हैं। किसी भी गंभीर लक्षण या पुरानी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर से जांच और सलाह लेना अनिवार्य है।
कुल मिलाकर, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, कम नमक और कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। बदलती जीवनशैली में अगर लोग इन बातों पर ध्यान दें, तो किडनी संबंधी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।