मणिपुर के भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का निधन, CM युमनाम खेमचंद दिल्ली पहुंच भावुक हुए

Sat 21-Feb-2026,10:43 PM IST +05:30

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मणिपुर के भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का निधन, CM युमनाम खेमचंद दिल्ली पहुंच भावुक हुए Vungzagin Valte BJP MLA Manipur Death
  • भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का निधन.

  • जातीय हिंसा में गंभीर रूप से हुए थे घायल.

  • CM युमनाम खेमचंद दिल्ली पहुंच श्रद्धांजलि दी.

Delhi / Delhi :

Delhi / मणिपुर के थानलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे के निधन की खबर ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया। जैसे ही यह दुखद सूचना मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद तक पहुंची, वह बिना समय गंवाए दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मणिपुर से दिल्ली की दूरी करीब 2400 किलोमीटर है, लेकिन मुख्यमंत्री ने तुरंत पहुंचकर दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर के सामने पहुंचते ही वह भावुक हो उठे और खुद को संभाल नहीं पाए।

जातीय हिंसा में घायल हुए थे वाल्टे
वुंगजागिन वाल्टे चुराचांदपुर जिले के थानलोन क्षेत्र से कुकी-जो समुदाय का प्रतिनिधित्व करते थे। 3 मई 2023 को मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 4 मई को इंफाल में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से मुलाकात के बाद नागामापल इलाके में भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह आंशिक लकवे का शिकार हो गए। इस हिंसक घटना में उनके चालक की भी जान चली गई थी।

गंभीर हालत में उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया, जहां विभिन्न अस्पतालों में उनका लंबा इलाज चला। बाद में वे चुराचांदपुर में भी उपचार करा रहे थे और धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ की कोशिश कर रहे थे।

अंतिम प्रयास भी रहे बेअसर
हाल ही में 8 फरवरी को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें इंफाल से दोबारा नई दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद के नेतृत्व में की गई थी ताकि उन्हें बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सके। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।

राजनीतिक और सामाजिक असर
वाल्टे ने मणिपुर में जारी जातीय तनाव के बीच शांति और एकता की अपील की थी। उनका निधन राज्य की राजनीति के साथ-साथ जनजातीय समाज के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। कुकी-जो समुदाय में गहरा शोक है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी उनकी कमी महसूस की जा रही है।

वुंगजागिन वाल्टे का जीवन संघर्ष, सेवा और कठिन परिस्थितियों में भी जनता के साथ खड़े रहने की मिसाल रहा। उनके निधन से मणिपुर की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थिति पर गहरा असर पड़ना तय है।