NHRC इंटर्नशिप 2026 संपन्न

Tue 17-Feb-2026,04:25 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

NHRC इंटर्नशिप 2026 संपन्न NHRC-Online-Internship-2026-Completed
  • महासचिव भरत लाल ने युवाओं से मानवाधिकारों की रक्षा को व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व मानते हुए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

  • कार्यक्रम में विशेषज्ञों के संवाद, शोध परियोजनाएं और प्रतियोगिताओं के माध्यम से व्यावहारिक और संवैधानिक समझ को मजबूत किया गया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का वर्ष 2026 का पहला द्विसाप्ताहिक ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 2 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस कार्यक्रम में देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 71 विश्वविद्यालय स्तरीय छात्रों ने भाग लिया। दूरदराज के क्षेत्रों से भी विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को समावेशी और प्रभावी बनाया। आयोग ने इसे युवाओं में मानवाधिकार चेतना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

समापन सत्र में आयोग के महासचिव भरत लाल ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि इंटर्नशिप के दौरान अर्जित ज्ञान को व्यवहार में उतारना ही इसकी वास्तविक सफलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने संविधान के मूल सिद्धांत न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को मानवाधिकारों की आधारशिला बताया। भरत लाल ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग जैसे भिखारी, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगजन अक्सर अधिकारों के उल्लंघन का सामना करते हैं और उन्हें संरक्षण व जागरूकता की आवश्यकता है।

आयोग की संयुक्त सचिव सैदिंगपुई छकछुआक ने इंटर्नशिप रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि छात्रों को अध्यक्ष, सदस्यों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नागरिक समाज के विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक समीक्षा, समूह शोध परियोजना और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिनके विजेताओं की घोषणा की गई। अंत में निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल वीरेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में मानवाधिकार मूल्यों के प्रति जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था।