इस नए चरण में श्रेया जैन वैष्णवी के किरदार में नजर आएंगी, जबकि कुशाग्र दुआ गर्व उर्फ गन्नू की भूमिका निभाएंगे। दोनों की एंट्री के साथ कहानी में परंपरा और आधुनिक सोच के बीच टकराव की नई परत जुड़ जाएगी। शो हमेशा से पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक मान्यताओं के इर्द-गिर्द घूमता रहा है, लेकिन अब यह नई पीढ़ी की सोच और उनके नजरिए को भी सामने लाएगा।
हाल ही में जारी प्रोमो ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। प्रोमो में राजस्थान के एक चहल-पहल भरे बाजार का दृश्य दिखाया गया है, जहां एक पति अपनी पत्नी का ख्याल रखता नजर आता है। यह दृश्य देखकर वैष्णवी मुस्कुराती है और मानती है कि सच्चा प्यार वही है, जिसमें एक-दूसरे की खुशी का ध्यान रखा जाए। दूसरी ओर गर्व उसी दृश्य को देखकर नाराज होता है और इसे पुरुष के आत्मसम्मान के खिलाफ मानता है।
इस छोटे से दृश्य के जरिए दो अलग-अलग सोच को सामने लाया गया है—एक सोच जो प्यार को त्याग, देखभाल और सम्मान से जोड़ती है, और दूसरी सोच जो इसे कमजोरी के रूप में देखती है। यही विचारधाराओं का टकराव आने वाले एपिसोड्स की कहानी को रोचक बनाएगा।
श्रेया जैन ने शो से जुड़ने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए खास मौका है, क्योंकि वह खुद राजस्थान से हैं और इस शो में अपनी मिट्टी की संस्कृति और भावनाओं को जीवंत होते देख रही हैं। उन्होंने कहा कि वैष्णवी का किरदार उनके दिल के करीब है और वह उम्मीद करती हैं कि दर्शक इस नए दौर को पसंद करेंगे।
कुशाग्र दुआ ने भी अपने किरदार को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उनके अनुसार, गर्व का किरदार न तो पूरी तरह सही है और न ही पूरी तरह गलत। उसकी सोच और फैसले कहानी को अलग रंग देंगे। उन्होंने कहा कि दर्शकों को उनका यह लेयर्ड और जटिल किरदार जरूर पसंद आएगा।
नई कहानी, नए चेहरे और गहराते भावनात्मक रिश्तों के साथ ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ का यह जनरेशन लीप एक नई शुरुआत का संकेत है। प्यार, अहंकार और परंपराओं के बीच संतुलन की इस कहानी को देखना न भूलें। शो का प्रसारण हर रोज रात 9 बजे, सिर्फ सन नियो पर किया जाता है।