किसान कल्याण वर्ष 2026: कुलैथ में 88 करोड़ विकास कार्यों का शुभारंभ
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किसान कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत ग्वालियर के कुलैथ गांव से, मुख्यमंत्री द्वारा 88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन।
हितलाभ वितरण, कृषि अनुदान और ग्रामीण विकास योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का विशेष फोकस।
Gwalior प्रदेश में वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की शुरुआत आज ग्वालियर जिले के ग्राम कुलैथ से होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित यह पहला विशाल किसान सम्मेलन राज्य सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का औपचारिक शुभारंभ माना जा रहा है। दोपहर में होने वाले इस आयोजन में हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
सम्मेलन में नरेन्द्र सिंह तोमर सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री कुलैथ पहुंचने के बाद रोड शो के जरिए किसानों का अभिवादन करेंगे और इसके पश्चात सम्मेलन स्थल पर लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से होगी तथा किसानों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया जाएगा।
किसान सम्मेलन परिसर में उन्नत कृषि तकनीक पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशु नस्ल सुधार, ड्रोन आधारित कृषि छिड़काव प्रणाली और आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। विशेषज्ञ किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देंगे, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लागत कम करने के उपाय साझा किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय स्थापित करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री लगभग 88 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इनमें 66 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत के पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और 20 करोड़ 64 लाख रुपये के प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता, उपकरण अनुदान और अन्य हितलाभ वितरित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ और कन्हैया लोकगीतों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यह आयोजन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के इस पहले सम्मेलन के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि कृषि क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे।