भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में होंगे शामिल, असम की राजनीति में हलचल

Tue 17-Feb-2026,11:42 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में होंगे शामिल, असम की राजनीति में हलचल Hemanta Biswa Sarma Statement
  •  भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी जॉइन करेंगे.

  • सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने की पुष्टि.

  • असम में बदल सकते हैं सियासी समीकरण.

Delhi / Delhi :

Delhi / असम की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनसे मुलाकात के बाद इसकी औपचारिक जानकारी दी। बोरा के कांग्रेस से इस्तीफा देने के एक दिन बाद सीएम सरमा गुवाहाटी के घोरमारा स्थित उनके आवास पहुंचे। इस दौरान बोरा के परिवार ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, बोरा के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गुवाहाटी और नॉर्थ लखीमपुर से कई अन्य कांग्रेसी नेता भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

सीएम सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा कांग्रेस के आखिरी प्रमुख हिंदू नेताओं में से एक थे और उनका भाजपा में आना एक बड़ी राजनीतिक घटना होगी। उन्होंने दावा किया कि इससे यह धारणा मजबूत होगी कि कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया समाज का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा में बोरा को पूरा सम्मान मिलेगा और उनका आना “घर वापसी” जैसा होगा।

हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर 32 साल तक पार्टी में रहे एक वरिष्ठ नेता को क्यों इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने प्रियंका गांधी के संभावित गुवाहाटी दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि असम की राजनीति स्थानीय नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूमती है और यहां के बड़े नेता भूपेन बोरा और दिलीप सैकिया जैसे लोग हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व ने बोरा का इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया और उन्हें मनाने की कोशिश की। हालांकि बोरा ने अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए समय मांगा था, लेकिन अब उनका भाजपा में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है।

भूपेन बोरा का यह कदम असम में राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। भाजपा इसे अपने विस्तार के रूप में देख रही है, जबकि कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस बदलाव का राज्य की राजनीति पर कितना असर पड़ता है।