गोवा समुद्री सम्मेलन 2026: हिंद महासागर सुरक्षा में बहुपक्षीय सहयोग पर जोर
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Goa-Maritime-Conference-2026
जीएमसी-26 का मुख्य विषय हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्य पालन और समुद्री डकैती जैसी सुरक्षा चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना है।
सम्मेलन के दौरान बहुपक्षीय सहयोग, वास्तविक समय सूचना साझा करना और संचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए रणनीति विकसित की जाएगी।
Goa/ गोवा में 21 फरवरी 2026 को गोवा स्थित नौसैनिक युद्ध महाविद्यालय में गोवा समुद्री सम्मेलन (जीएमसी-26) का पांचवां संस्करण आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के समाधान हेतु व्यावहारिक और परिणामोन्मुख विचार विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 14 देशों के वरिष्ठ समुद्री प्रतिनिधियों की मेजबानी करेंगे।
जीएमसी-26 का मुख्य विषय है, 'हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां – अवैध और अनियमित मत्स्य पालन तथा अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों को कम करने के प्रयास’। यह सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग, तालमेल और सुरक्षा में सुधार के लिए अनिवार्य है। सम्मेलन में बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड और तंजानिया के नौसेना प्रमुख भाग लेंगे।
गोवा समुद्री संगोष्ठी और सम्मेलन का उद्देश्य सहयोगात्मक चिंतन और साझा कार्य-योजना को बढ़ावा देना है। हिंद महासागर क्षेत्र पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से जूझ रहा है, जिनमें समुद्री आतंकवाद, अवैध मत्स्य पालन, समुद्री डकैती, अनियमित प्रवासन और साइबर खतरे शामिल हैं।
सम्मेलन में प्रख्यात वक्ता और विषय विशेषज्ञ समुद्री सूचनाओं के आदान-प्रदान, संचालन क्षमताओं को मजबूत करने और बहुपक्षीय सहयोग के प्रभावी तंत्र पर चर्चा करेंगे। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) मुख्य भाषण देंगे। जीएमसी हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के समाधान और साझा रणनीतियों के निर्माण में एक निर्णायक मंच बन चुका है।