MoSPI वर्षांत समीक्षा 2025: डेटा सुधार, नई GDP-CPI श्रृंखला और डिजिटल बदलाव

Thu 25-Dec-2025,01:46 AM IST +05:30

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MoSPI वर्षांत समीक्षा 2025: डेटा सुधार, नई GDP-CPI श्रृंखला और डिजिटल बदलाव MoSPI Year End Review 2025 Highlights Major Reforms in India’s Statistical System
  • MoSPI की वर्षांत समीक्षा 2025 में तेज सर्वेक्षण, नई GDP-CPI-IIP श्रृंखला, GOIStats ऐप और डेटा-आधारित शासन सुधारों का विवरण।

  • नई GDP, CPI और IIP श्रृंखलाएं आधार वर्ष संशोधन के साथ 2026 में जारी होंगी, जिससे आर्थिक संकेतक अधिक यथार्थपरक बनेंगे।

  • GOIStats ऐप, नई वेबसाइट और PAIMAN पोर्टल से सरकारी आंकड़ों की पहुंच, पारदर्शिता और निगरानी क्षमता में बड़ा सुधार हुआ।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने वर्ष 2025 के दौरान भारतीय राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और नीति-उन्मुख बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। सर्वेक्षण परिणामों की समयसीमा में अभूतपूर्व कमी, डिजिटल एवं एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म, उप-राज्य और जिला स्तरीय अनुमानों की ओर बढ़ता कदम, तथा जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के आधार वर्ष संशोधन जैसे बड़े सुधारों ने 2025 को भारत की सांख्यिकी यात्रा में एक निर्णायक वर्ष बना दिया है।

सर्वेक्षण परिणामों की समयबद्धता में क्रांतिकारी सुधार

MoSPI की सबसे बड़ी उपलब्धियों में सर्वेक्षण परिणामों की प्रकाशन समयसीमा में उल्लेखनीय कमी रही। अब वार्षिक सर्वेक्षणों के परिणाम 90–120 दिनों के भीतर, त्रैमासिक परिणाम 45–60 दिनों में और मासिक परिणाम सर्वेक्षण पूर्ण होने के मात्र 15–30 दिनों के भीतर जारी किए जा रहे हैं। यह सुधार नीति-निर्माण के लिए वास्तविक समय के निकट डेटा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है।

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) में कंप्यूटर-सहायता प्राप्त व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI) और ई-सिग्मा प्लेटफॉर्म के उपयोग से डेटा गुणवत्ता, सत्यापन और त्वरित प्रसंस्करण संभव हुआ है। रियल-टाइम डेटा सबमिशन, इन-बिल्ट वैलिडेशन चेक, बहुभाषी इंटरफेस और एआई-सक्षम चैटबॉट ने फील्ड स्तर से लेकर नीति स्तर तक डेटा प्रवाह को अधिक भरोसेमंद बनाया है।

PLFS और ASUSE में नमूना डिजाइन का सुदृढ़ीकरण

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) और असंगठित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) के नमूना डिजाइनों को संशोधित कर मासिक, त्रैमासिक और जिला स्तरीय अनुमान तैयार करने की क्षमता विकसित की गई है। अप्रैल 2025 से PLFS के मासिक और त्रैमासिक अनुमान (शहरी एवं ग्रामीण) नियमित रूप से जारी किए जा रहे हैं, जबकि ASUSE के त्रैमासिक अनुमान जनवरी 2025 के बाद की अवधि के लिए प्रकाशित हो रहे हैं।

यह पहल श्रम बाजार, रोजगार, असंगठित क्षेत्र और सूक्ष्म उद्यमों से जुड़ी नीतियों को अधिक सटीक और क्षेत्र-विशिष्ट बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

जिला और उप-राज्य स्तर पर सटीक अनुमान

MoSPI ने जिला स्तर को आधार मानकर नमूना डिजाइन में संशोधन किया है और नमूना आकार बढ़ाया गया है। राज्यों को तकनीकी और सर्वेक्षण अवसंरचना सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे NSS सर्वेक्षणों में सक्रिय भागीदारी कर सकें। 27 राज्यों ने 2026–27 के प्रमुख NSS सर्वेक्षणों में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की है, जिससे उप-राज्य स्तर पर साक्ष्य-आधारित शासन को बल मिलेगा।

वर्ष 2025 में जारी प्रमुख सर्वेक्षण रिपोर्टें

2025 के दौरान MoSPI ने कई महत्वपूर्ण सर्वेक्षणों के परिणाम जारी किए। इनमें PLFS 2024 कैलेंडर वर्ष की रिपोर्ट (28 अप्रैल 2025), आठ मासिक बुलेटिन, तीन त्रैमासिक बुलेटिन, ASUSE 2023–24 रिपोर्ट, घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023–24, समय उपयोग सर्वेक्षण (TUS) 2024, उद्योग का वार्षिक सर्वेक्षण (ASI) 2024–25 और व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (CMS) के तहत दूरसंचार एवं शिक्षा पर रिपोर्टें शामिल हैं।

इसके अलावा, निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय पर भविष्योन्मुखी सर्वेक्षण और जीएसटीएन ढांचे पर आधारित सेवा क्षेत्र के प्रायोगिक अध्ययन ने आर्थिक रुझानों की बेहतर समझ प्रदान की।

GDP, CPI और IIP का आधार वर्ष संशोधन

MoSPI के लिए 2025 का एक प्रमुख एजेंडा सकल घरेलू उत्पाद (GDP), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आधार वर्ष का संशोधन रहा।

  • GDP की नई श्रृंखला, आधार वर्ष 2022–23 के साथ, 27 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।

  • CPI की नई श्रृंखला, आधार वर्ष 2024 के साथ, 12 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।

  • IIP की नई श्रृंखला, आधार वर्ष 2022–23 के साथ, 28 मई 2026 को जारी की जाएगी।

इन संशोधनों में प्रशासनिक डेटा (GST, PFMS), नए सर्वेक्षण डेटा, बेहतर वर्गीकरण, दोहरी अपस्फीति पद्धति, अधिक विस्तृत कवरेज और उप-राष्ट्रीय अनुमानों को शामिल किया गया है। अप्रैल 2025 से IIP जारी करने की समयसीमा भी 42 दिनों से घटाकर 28 दिन कर दी गई है।

डिजिटल परिवर्तन: नई वेबसाइट और GOIStats ऐप

MoSPI ने 25 सितंबर 2025 को अपनी नई वेबसाइट लॉन्च की, जिसमें इंटरैक्टिव और विषयगत डैशबोर्ड, बेहतर सर्च सुविधा, एआई-सक्षम चैटबॉट और हिंदी संस्करण शामिल हैं। लॉन्च के बाद से वेबसाइट पर 2.72 लाख से अधिक आगंतुक आ चुके हैं।

जून 2025 में GOIStats मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया, जो नागरिकों को GDP, मुद्रास्फीति, रोजगार जैसे प्रमुख संकेतकों तक सरल और मोबाइल-फ्रेंडली पहुंच प्रदान करता है। अब तक इस ऐप को लगभग 15 हजार डाउनलोड और 4.8 की औसत रेटिंग मिल चुकी है।

डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और माइक्रोडाटा तक पहुंच

ई-सांख्यिकी पोर्टल को 18 सांख्यिकीय उत्पादों के साथ उन्नत किया गया है और मंत्रालयों के लिए मानक API मैनुअल तैयार किया गया है। विश्व बैंक के सहयोग से उन्नत माइक्रोडाटा पोर्टल शुरू किया गया, जिस पर जनवरी 2025 से अब तक 88 लाख से अधिक हिट दर्ज की गई हैं।

सामाजिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रकाशन

2025 में MoSPI ने सामाजिक क्षेत्र के आंकड़ों पर कई अहम प्रकाशन जारी किए, जिनमें “एनविस्टैट्स इंडिया 2025: पर्यावरण सांख्यिकी”, “भारत में महिलाएं और पुरुष 2024”, “वन पर पर्यावरण लेखांकन 2025”, “चिल्ड्रन इन इंडिया 2025” और महासागरीय इकोसिस्टम लेखा-जोखा रूपरेखा शामिल हैं। ये प्रकाशन SDGs की निगरानी और समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।

राज्य–केंद्र समन्वय और क्षमता निर्माण

राज्य सरकारों के मंत्रियों का सम्मेलन, COCSSO बैठकें और NSS के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रमों ने केंद्र–राज्य सहयोग को मजबूत किया। NSS की 75वीं वर्षगांठ पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया।

क्षमता निर्माण के तहत ISS और SSS अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण मॉडल में सुधार, मिशन कर्मयोगी के साथ समन्वय, राज्य सांख्यिकी अधिकारियों के लिए विशेष कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण पहलें लागू की गईं।

ISI विधेयक 2025: संस्थागत सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम

MoSPI ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) विधेयक, 2025 का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य ISI को पंजीकृत सोसायटी से वैधानिक निगमित निकाय में बदलकर इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के समकक्ष लाना है। यह विधेयक उत्कृष्टता, स्वायत्तता, प्रभावी शासन और जवाबदेही जैसे सिद्धांतों पर आधारित है।

अवसंरचना परियोजना निगरानी और PAIMAN पोर्टल

पुराने OCMS पोर्टल के स्थान पर PAIMAN (परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी और विश्लेषण) वेब पोर्टल लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से 1700 से अधिक केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। यह पोर्टल डेटा-संचालित डैशबोर्ड और त्वरित रिपोर्टिंग की सुविधा देता है।

वर्ष 2025 में MoSPI ने भारतीय सांख्यिकी प्रणाली को पारंपरिक डेटा संग्रह से आगे बढ़ाकर एक डिजिटल, एआई-सक्षम, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-केंद्रित इकोसिस्टम में रूपांतरित करने की मजबूत नींव रखी है। समयबद्ध डेटा, उप-राज्य स्तर के अनुमान, आधार वर्ष संशोधन और नागरिकों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विश्वसनीय आंकड़े ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।