शीतकालीन सत्र 2025: 36 दलों की बैठक में सरकार ने 14 प्रमुख विधेयकों की रूपरेखा रखी

Sun 30-Nov-2025,05:43 PM IST +05:30

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शीतकालीन सत्र 2025: 36 दलों की बैठक में सरकार ने 14 प्रमुख विधेयकों की रूपरेखा रखी
  • शीतकालीन सत्र 2025 पर चर्चा के लिए आयोजित सर्वदलीय बैठक में 36 दलों के 50 नेता शामिल हुए, सरकार ने पारदर्शी संवाद का भरोसा दिया। बैठक में जन विश्वास, बीमा, कॉर्पोरेट, राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतीय उच्च शिक्षा आयोग सहित 14 प्रमुख विधायी विषयों पर सहमति बनी।

  • सरकार ने कहा कि 1–19 दिसंबर 2025 तक चलने वाले शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली / संसद के आगामी शीतकालीन सत्र 2025 को सुचारू, सार्थक और उत्पादक बनाने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि इसे संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने बुलाया था। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, तथा आई&B राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन सहित 36 राजनीतिक दलों के 50 वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के दोनों सदनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

बैठक का उद्देश्य आगामी 1 दिसंबर से 19 दिसंबर, 2025 तक प्रस्तावित शीतकालीन सत्र की रणनीति, संभावित विधायी कार्य और विपक्ष सहित सभी दलों के सहयोग को सुनिश्चित करना था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और सभी दलों का सहयोग संसद की मर्यादा को मजबूत करता है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने बताया कि सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी और फिलहाल 14 विधायी विषयों की पहचान की गई है, जिन पर चर्चा और विचार संभव है।

इस सूची में कई महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं, जैसे जन विश्वास संशोधन विधेयक 2025, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता संशोधन, परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025, राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन, बीमा कानून संशोधन, कॉर्पोरेट कानून संशोधन, भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक 2025, तथा प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक। इस सत्र में मणिपुर जीएसटी संशोधन अध्यादेश को प्रतिस्थापित करने वाले बिल सहित कई संरचनात्मक सुधारों पर चर्चा की तैयारी है।

बैठक के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्राथमिकताओं और संभावित मुद्दों को विस्तार से रखा। कई दलों ने आर्थिक चुनौतियों, रोजगार, राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, और राज्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा की मांग रखी। सरकार ने आश्वासन दिया कि दोनों सदन नियमों के अनुसार किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इसके अलावा, सरकार अनुदानों की अनुपूरक मांगों के प्रथम बैच को भी इस सत्र में प्रस्तुत करेगी, जिन पर विस्तृत चर्चा और मतदान होगा। इससे संबंधित विनियोग विधेयक भी पेश किया जाएगा। बैठक के अंत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी नेताओं की भागीदारी को “लोकतांत्रिक सहयोग की उत्कृष्ट मिसाल” बताते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी शीतकालीन सत्र 2025 सार्थक, सुव्यवस्थित और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक साबित होगा।