गणतंत्र दिवस : परेड में दिखेगी भारतीय सेना की रणभूमि व्यूह रचना की झलक
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गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना की रणभूमि व्यूह रचना आधुनिक युद्ध रणनीति और सैन्य समन्वय को दर्शाएगी।
सेना के प्रदर्शन में सामरिक तैनाती, तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की प्रतीकात्मक झलक दिखाई जाएगी।
यह प्रस्तुति युवाओं में देशभक्ति और सेना के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित है।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में इस बार भारतीय सेना की शक्ति, रणनीतिक सोच और आधुनिक युद्धक क्षमता की झलक विशेष रूप से देखने को मिलेगी। राजपथ (कर्तव्य पथ) पर आयोजित होने वाली परेड में भारतीय सेना की रणभूमि व्यूह रचना को दर्शाने वाला भव्य और जीवंत प्रदर्शन शामिल किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।
सेना के इस विशेष प्रदर्शन का उद्देश्य केवल हथियारों की ताकत दिखाना नहीं है, बल्कि यह बताना भी है कि बदलते युद्ध परिदृश्य में भारतीय सेना किस तरह रणनीति, समन्वय और तकनीक के सहारे देश की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। रणभूमि व्यूह रचना के माध्यम से थलसेना के जवानों की तैनाती, सामरिक संतुलन और आपसी तालमेल को प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस प्रदर्शन में आधुनिक सैन्य साजो-सामान, संचार व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की झलक भी दिखाई देगी। इसमें यह दर्शाया जाएगा कि कैसे सेना सीमित समय में अलग-अलग परिस्थितियों में मोर्चा संभालने के लिए तैयार रहती है। यह प्रस्तुति न केवल सैन्य कौशल को उजागर करेगी, बल्कि आम नागरिकों को सेना की कार्यशैली से भी परिचित कराएगी।
गणतंत्र दिवस परेड का यह हिस्सा युवाओं में देशभक्ति और सेना के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की झांकियां सेना के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता का संदेश भी देती हैं।
हर वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत और विविधता को दर्शाया जाता है, लेकिन इस बार रणभूमि व्यूह रचना पर विशेष फोकस रखा गया है। यह प्रदर्शन यह भी दिखाएगा कि भारतीय सेना पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ-साथ आधुनिक रणनीतियों को अपनाने में सक्षम है।
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना की यह प्रस्तुति राष्ट्रीय सुरक्षा, अनुशासन और रणनीतिक क्षमता का जीवंत प्रतीक बनेगी।