छत्तीसगढ़ दौरे पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, हिंदू सम्मेलन व युवा संवाद पर फोकस
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Mohan Bhagwat Chhattisgarh Tour Hindu Conference
RSS प्रमुख मोहन भागवत 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे, समाज और युवाओं से संवाद कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
31 दिसंबर को अभनपुर के सोनपरी गांव में आयोजित हिंदू सम्मेलन में सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखेंगे।
Raipur/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे। संघ की ओर से बताया गया है कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद बढ़ाना, संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती देना और युवाओं की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित करना है।
अपने दौरे के दूसरे दिन 31 दिसंबर को मोहन भागवत रायपुर जिले के अभनपुर ब्लॉक स्थित सोनपरी गांव में असंग देव कबीर आश्रम में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका जैसे विषयों पर उनके विचार केंद्रित रहेंगे। सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और सामाजिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान RSS प्रमुख केवल हिंदू सम्मेलन तक सीमित नहीं रहेंगे। वे सद्भाव बैठक, युवा कार्यकर्ता सम्मेलन और युवाओं से सीधे संवाद जैसे कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में संगठन की विचारधारा, सामाजिक दायित्व और वर्तमान समय की चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। विशेष रूप से युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और सकारात्मक सामाजिक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
RSS सूत्रों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में आपसी समन्वय को मजबूत करना और संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाना है। युवाओं के साथ होने वाले संवाद में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रहित जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
गौरतलब है कि RSS द्वारा नवंबर माह से गृह संपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत स्वयंसेवक घर-घर जाकर समाज से संवाद स्थापित कर रहे हैं। मोहन भागवत का यह छत्तीसगढ़ दौरा इसी अभियान को और गति देने तथा संगठनात्मक प्रयासों को नई दिशा देने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।