राहुल गांधी का इंस्टाग्राम वीडियो हुआ ब्लॉक, बवाल के बाद बहाल; सरकार ने दी सफाई
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Vijay Oath Ceremony
राहुल गांधी का इंस्टाग्राम वीडियो हुआ ब्लॉक.
इंस्टाग्राम ने तकनीकी गलती मानकर वीडियो बहाल किया.
सरकार ने वीडियो ब्लॉक करने में भूमिका से किया इनकार.
Delhi / राहुल गांधी का एक वीडियो अचानक Instagram पर ब्लॉक होने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह वीडियो तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ा था, जिसमें राहुल गांधी भी नजर आ रहे थे। वीडियो ब्लॉक होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स और राजनीतिक समर्थकों ने सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
हालांकि, कुछ घंटों बाद इंस्टाग्राम ने अपनी गलती सुधारते हुए वीडियो को फिर से बहाल कर दिया। इसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद Ministry of Electronics and Information Technology यानी MeitY की तरफ से सफाई जारी करनी पड़ी।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के वीडियो को ब्लॉक करने में सरकार या मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं थी। सूत्रों के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने गलत तरीके से दावा किया कि MeitY ने इस पोस्ट को हटवाया या ब्लॉक कराया था, जबकि सच्चाई यह है कि यह प्लेटफॉर्म की आंतरिक तकनीकी गलती थी। मंत्रालय ने बताया कि इंस्टाग्राम के सिस्टम ने गलती से वीडियो को फ्लैग कर दिया था, जिसके कारण वह कुछ समय के लिए ब्लॉक हो गया। बाद में तकनीकी गलती समझ में आने पर वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली और उनके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोगों का कहना है कि बड़े नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों से जुड़े पोस्ट अगर गलती से भी ब्लॉक होते हैं, तो उसका सीधा असर राजनीतिक माहौल पर पड़ता है। खासकर ऐसे समय में जब सोशल मीडिया राजनीति और जनमत का बड़ा माध्यम बन चुका है।
राहुल गांधी के समर्थकों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि विपक्षी नेताओं के कंटेंट को लेकर प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा पारदर्शिता बरतनी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इसे तकनीकी गड़बड़ी मानते हुए मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही।
तमिलनाडु में विजय के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें और वीडियो पहले से ही सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे थे। ऐसे में राहुल गांधी से जुड़ा वीडियो ब्लॉक होना अचानक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि वीडियो बहाल होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटना ने सोशल मीडिया सेंसरशिप और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने ऑटोमेटेड सिस्टम और कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल वीडियो दोबारा लाइव हो चुका है और मंत्रालय ने भी साफ कर दिया है कि इस मामले में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।