Tamil Nadu / Chennai : Chennai / तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद सक्रिय अंदाज में कामकाज संभाल लिया। शपथ ग्रहण समारोह के कुछ ही समय बाद उन्होंने चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली आधिकारिक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक हालात की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और प्रशासनिक चुनौतियों की जानकारी दी। विजय ने साफ तौर पर कहा कि उनकी सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य राज्य की प्रगति और जनता का कल्याण होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह पहला प्रशासनिक कदम था, जिसे राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विजय शुरुआत से ही एक सक्रिय और सख्त प्रशासक की छवि बनाना चाहते हैं। अपने भाषण और शुरुआती फैसलों से उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए तेजी से काम करेगी।
इस बीच, विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद भी दिया। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने पर प्रधानमंत्री द्वारा दी गई बधाई उनके लिए सम्मान की बात है। विजय ने यह भी कहा कि तमिलनाडु के विकास और जनता के हित में उनकी सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
वहीं, तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा का पहला सत्र 11 मई से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, नव निर्वाचित विधायक इस दिन शपथ ग्रहण करेंगे। सभी विधायकों को अपना चुनाव प्रमाण पत्र साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 12 मई को विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव भी कराया जाएगा।
नई सरकार बनने के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विजय के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है और लोग उनकी सरकार से बड़े बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के तौर पर विजय अपने वादों को किस तरह जमीन पर उतारते हैं और तमिलनाडु की राजनीति में खुद को कितनी मजबूती से स्थापित कर पाते हैं।