छत्तीसगढ़ में 6412 शादियों का रिकॉर्ड

Tue 10-Feb-2026,05:36 PM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ में 6412 शादियों का रिकॉर्ड Chhattisgarh-CM-Kanya-Vivah-Yojana-World-Record
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत एक दिन में 6,412 जोड़ों का विवाह, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

  • सामाजिक समरसता, पुनर्वास और कुपोषण उन्मूलन को जोड़ता बहुआयामी सरकारी आयोजन

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सोमवार को सामाजिक समरसता और सरकारी प्रतिबद्धता की एक ऐतिहासिक मिसाल देखने को मिली। प्रदेशभर में एक ही दिन में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिससे यह आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं मौजूद रहे और 1,316 जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

रिकॉर्ड बनाने वाला सामाजिक आयोजन

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। एक साथ हजारों शादियों का आयोजन न केवल प्रशासनिक क्षमता का परिचायक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और समावेशी विकास का भी संदेश देता नजर आया। कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, बैगा जनजाति सहित विभिन्न समाजों के जोड़ों ने विवाह बंधन में बंधकर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।

जनप्रतिनिधि बने बाराती

मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक और निगम-मंडल अध्यक्ष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। सभी जनप्रतिनिधियों ने बाराती बनकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया, जिससे आयोजन में अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।

आर्थिक सहायता से बेटियों को संबल

योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को ₹35,000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी गई, जबकि ₹15,000 विवाह आयोजन और उपहार सामग्री पर खर्च किए गए। बलौदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से समारोह से जुड़े।

पूर्व नक्सलियों का पुनर्वास भी शामिल

इस आयोजन की एक खास बात यह रही कि 6 आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के विवाह भी इसी मंच से कराए गए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनसे संवाद कर नए जीवन की शुभकामनाएं दीं, जिससे पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का मजबूत संदेश गया।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत

इसी मंच से मुख्यमंत्री साय ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया। पहले चरण में 6 माह से 52 माह तक के 40 हजार कुपोषित बच्चों को योजना से जोड़ा जाएगा, जिसकी शुरुआत बस्तर संभाग के चार जिलों से होगी।