अमित शाह ने स्वामी विवेकानंद को किया नमन, युवाओं को विकसित भारत का आधार बताया
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स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए युवाओं को लक्ष्य तक अडिग रहने का संदेश दिया गया।
रामकृष्ण मिशन और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में स्वामी विवेकानंद की भूमिका को रेखांकित किया गया।
Delhi/ केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक महान संत नहीं थे, बल्कि वे भारत की चेतना, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक थे। उनके विचार आज भी युवाओं में लक्ष्य के प्रति अडिग रहने, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और अध्यात्म से युवाओं को जोड़ने का कार्य स्वामी विवेकानंद ने जिस दृढ़ता से किया, उसने भारत की छवि को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। रामकृष्ण मिशन के माध्यम से समाज सेवा, शिक्षा और मानव कल्याण के जो आदर्श उन्होंने स्थापित किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं।
अमित शाह ने अपने संदेश में यह भी कहा कि “लक्ष्य प्राप्ति से पहले नहीं रुकने” का स्वामी विवेकानंद का संदेश आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। यह विचार न केवल व्यक्तिगत सफलता, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक प्रगति के लिए भी प्रेरणा देता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सशक्त आधार प्रदान करेंगी। युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और सेवा भावना ही देश को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे ले जाएगी।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज, राष्ट्र और मानवता के लिए सकारात्मक योगदान दें।