सर्दियों में रम या व्हिस्की? जानिए क्या है बेहतर

Mon 29-Dec-2025,11:21 PM IST +05:30

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सर्दियों में रम या व्हिस्की? जानिए क्या है बेहतर Rum vs Wisky
  • सर्दियों में रम तुरंत गर्माहट देती है.

  • व्हिस्की का असर लंबी अवधि तक रहता है.

  • संतुलित सेवन और जीवनशैली जरूरी.

Maharashtra / Nagpur :

AGCNN / सर्दियों का मौसम आते ही शरीर को गर्म रखने और ठंड से राहत पाने के लिए खान-पान की आदतें बदल जाती हैं। भारत समेत कई देशों में इस मौसम में शराब, खासकर रम और व्हिस्की, की खपत बढ़ जाती है। आम धारणा है कि रम सर्दियों के लिए बेहतर होती है, जबकि कुछ लोग व्हिस्की को ज्यादा “ताकतवर” मानते हैं। लेकिन सवाल यह है कि वास्तव में सर्दियों में रम या व्हिस्की—कौन-सी ज्यादा मुफीद है? इसका जवाब सिर्फ स्वाद में नहीं, बल्कि इनके निर्माण, शरीर पर असर और सही सेवन के तरीके में छिपा है।

रम मुख्य रूप से गन्ने के रस या शीरे (मोलासेस) से बनाई जाती है। इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है, जो शरीर में जल्दी ऊर्जा देती है। यही कारण है कि रम पीने के बाद तुरंत गर्माहट का अहसास होता है। सर्दियों में यह गुण लोगों को खासा पसंद आता है। वहीं, व्हिस्की जौ, मक्का या राई जैसे अनाज से तैयार की जाती है। इसका स्वाद अपेक्षाकृत ड्राई और तेज होता है, और इसमें शर्करा कम होती है। इसलिए इसका असर अलग तरह का माना जाता है।

इतिहास पर नजर डालें तो ब्रिटिश नौसेना में लंबे समय तक नाविकों को ठंड से बचाने के लिए रम का राशन दिया जाता था। कैरेबियन और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों में भी रम को ठंडे मौसम में शरीर को गर्म रखने वाला पेय माना गया। भारत में भी सर्दियों के दौरान डार्क रम की मांग बढ़ जाती है, खासकर उत्तर भारत में। इसके विपरीत, व्हिस्की को अक्सर “क्लासिक” और “स्ट्रॉन्ग” ड्रिंक के रूप में देखा जाता है, जो ज्यादा देर तक नशा बनाए रखती है।

सेहत के लिहाज से देखें तो दोनों ही शराब हैं और सीमित मात्रा में ही सुरक्षित मानी जाती हैं। रम में मौजूद शर्करा शरीर को तुरंत कैलोरी देती है, जिससे ठंड में कंपकंपी कम महसूस हो सकती है। कुछ लोग मानते हैं कि हल्की मात्रा में रम रक्त संचार को बेहतर बनाती है, जिससे हाथ-पैर ठंडे नहीं पड़ते। वहीं, व्हिस्की का अल्कोहल कंटेंट आमतौर पर ज्यादा तीखा होता है, जो शरीर को जल्दी गर्म तो करता है, लेकिन उसका असर लंबे समय तक संतुलित नहीं रहता। अधिक मात्रा में व्हिस्की लेने से डिहाइड्रेशन, गले में जलन और नींद में खलल जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

स्वाद और पाचन के मामले में भी फर्क दिखता है। रम अपेक्षाकृत मीठी होने के कारण सर्दियों में भारी भोजन के बाद आसानी से ली जाती है। कई लोग इसे गुनगुने पानी, शहद या मसालों के साथ मिलाकर पीते हैं, जिससे ठंड से राहत मिलती है। व्हिस्की आमतौर पर नीट या हल्के मिक्सर के साथ ली जाती है। जिन लोगों को एसिडिटी या गले में खराश की शिकायत रहती है, उनके लिए व्हिस्की सर्दियों में परेशानी बढ़ा सकती है।

हालांकि, यह भी सच है कि रम में मौजूद अधिक शर्करा मधुमेह या वजन बढ़ने की समस्या वाले लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। वहीं, व्हिस्की में शर्करा कम होने के कारण कुछ लोग इसे “बेहतर विकल्प” मानते हैं, लेकिन अल्कोहल की तीव्रता के कारण यह लीवर पर ज्यादा दबाव डाल सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि शराब को कभी भी “दवा” की तरह नहीं देखना चाहिए। ठंड से बचाव के लिए संतुलित आहार, गर्म कपड़े और पर्याप्त नींद ज्यादा असरदार उपाय हैं।

सर्दियों में रम की लोकप्रियता का एक कारण सामाजिक और सांस्कृतिक भी है। कई जगहों पर पुराने समय से ठंड में रम-पानी या मसालेदार रम पीने की परंपरा रही है। दूसरी ओर, व्हिस्की को अक्सर खास मौकों या सीमित मात्रा में चखने वाला पेय माना जाता है। यही वजह है कि सर्दियों की महफिलों में रम ज्यादा दिखाई देती है।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि सर्दियों में रम या व्हिस्की में से किसी एक को “सबसे बेहतर” कहना सही नहीं होगा। अगर सीमित मात्रा, सही समय और सही तरीके से सेवन किया जाए तो रम सर्दियों में ज्यादा अनुकूल लग सकती है, क्योंकि यह तुरंत गर्माहट देती है और स्वाद में नरम होती है। लेकिन सेहत की दृष्टि से दोनों ही शराब हैं और इनका अत्यधिक सेवन नुकसानदेह है। ठंड से लड़ने के लिए शराब पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित जीवनशैली अपनाना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प है।