डॉ. अम्बेडकर केंद्र में स्मारिका विक्रय केन्द्र का उद्घाटन
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डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में स्मारिका विक्रय केन्द्र का उद्घाटन, शिल्पकारों को संस्थागत मंच और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण को नई दिशा।
स्मारिका केन्द्र में पुस्तकें, हस्तनिर्मित उत्पाद और स्मृति-चिह्न उपलब्ध, सृजनात्मक उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम।
New Delhi/ नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र (DAIC) में आज सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने नव स्थापित स्मारिका-विक्रय केन्द्र का उद्घाटन करते हुए इसे सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और सृजनात्मक उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत केन्द्र परिसर में स्थापित भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की 18 फुट ऊँची प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। यह प्रतिमा सुप्रसिद्ध शिल्पकार राम वी. सुतार द्वारा निर्मित है। मंत्री ने डॉ. अम्बेडकर के समता, सामाजिक न्याय और बौद्धिक जागरण के विचारों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
पुष्पांजलि के पश्चात स्मारिका-विक्रय केन्द्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। मंत्री ने केन्द्र का अवलोकन करते हुए प्रदर्शित सामग्री की जानकारी ली। इस केन्द्र में डॉ. अम्बेडकर के जीवन, उनके संवैधानिक योगदान और सामाजिक परिवर्तन के विचारों से संबंधित पुस्तकें, स्मृति-चिह्न, हस्तनिर्मित वस्तुएँ और सांस्कृतिक प्रेरणा से तैयार उत्पाद उपलब्ध हैं।
अपने संबोधन में डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि भारत की विविध कलात्मक परम्पराओं और हस्तशिल्प को संस्थागत मंच प्रदान करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे केन्द्र शिल्पकार समुदाय को आर्थिक अवसर देने के साथ-साथ सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने में सहायक होगी, क्योंकि इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। स्मारिका केन्द्र आगंतुकों के लिए प्रेरणादायी अनुभव प्रदान करेगा और डॉ. अम्बेडकर की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक (DANM) के प्रतिनिधि, विद्वान और शोधार्थी उपस्थित रहे। समापन अवसर पर आयोजित संवाद सत्र में अतिथियों ने इस पहल की सराहना की।